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शायरी (Poetry)

मोहब्बत को ख़ुदा माना
दूरियाँ बहुत सीखा जाती हैं
मशहूर
वक्त और मेरे अपनों के बीच का रिश्ता
खोने का मलाल
साथ
तन्हाई
मोहब्बत का काफिला
वो शख्स
यादें
अपनापन
ख़यालों के शहर
दुश्मनी के उसूल
भीड़ में खो कर खुद को पाया है
गमों की पनाह में
बातें जो हमारे दरमियान
आज चाहत है मन
तेरा मेरा साथ होने का ज़िक्र
शिकायतों से ही जिंदगी है
दिल
जिंदगी को लिखने का हुनर
प्यार जिंदगी सँवार देता है
नफरत की पनाह
दिल मोहब्बत को दर्द कहता है
नज़दीकियाँ खुद से
ये चाहत भी अजीब है,
दूरियाँ एहसास बयान कर जाते हैं
मोहब्बत जीने का ज़रिया है
जिंदगी
फुर्सत की मुलाकातें
सुकून की तलाश में घर से दूर निकल गये
अरदास मोहब्बत की
एहसास और दर्द
मोहब्बत एक इबादत
मोहब्बत के रास्ते
याराना आज का
मिजाज गलतफहमी का
आँसुओं ने आंखों को भिगो दिया
नफरत दगा कर गई
आस
इश्क़ में सितम
वो शख्स
अजीब जिंदगी
अब तुम याद आओ
आंसुओं में वजन
खामोश हूँ आज
नाम मोहब्बत का
ज़रा सी आहट पर डरता दिल
मोहब्बत की ख़ुशियाँ
दिल की ख़्वाहिश
अन्दाज तन्हाई का
ख़ुशियों की सौगात
तन्हाई मेरा जिक्र करती है
आज याद आएँ है खुद को
आंसुओं की- कदर
जश्न बर्बादी का
एहसास
जवाब कम आज सवाल ज़्यादा हैं
"आशिक" नाम था अपना
फुर्सत से लिखा उनको
इबादत में कमियां
जख्मों की दवा
एहसास
जिंदगी को जीना सीख गये
खामोशी
तन्हाई
दिल की "फरियाद"
नया इश्क़
तन्हाई
भीड़ में तन्हा से होने लगे हैं
दूरियाँ
दर्द
खुद को खोया
एहसास कहते हैं
मोहब्बत और सितम
खुशी-ग़म
 तन्हाई
 गुस्ताख दिल
 शायरा तेरे इश्क़ की
 इश्क़ का मतलब
 मोह्हबत के फरमान
 ये दिल
 बेपरवाह शख्स
 फिर से
 इंतजार
 तख्त-ताज
 एक दिन
 कीमत
 आज और अतीत
 आँखों की नमी
 वजह
 अपना
 दिल का हिस्सा
 एहसास
 किरदार
 उम्मीद

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