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काव्य-रचना (Poetry Composition)

अगर जिन्दगी को जीने वाला सही हो।
खुशी की चाहत में वक़्त कितना कुछ सिखाता है
मेरा किरदार हर रोज़ नया
बढ़ने दो बातें आज
जिंदगी भीड़ में
हुनर
मन मे शोर कैसा
शायद पाने का हुनर आ जाए
गुमसुम जिन्दगी
ज़िंदगी में अभी आज बाकी है..!
एक झलक
आज दिल में
नक़ाब मोहब्बत का
साज़िश जिंदगी की
फर्क अतीत और आज में
जिंदगी में कारवाँ
ना बदल ये सोच कर "ऐ जिंदगी"
जीने मायने मिल गए
कोरा कागज़- जिंदगी का
दस्तूर जिंदगी का
मोड़
सुनसान डगर
बीज- ग़लतफहमी का
भीड़ में तन्हा से होने लगे हैं
कर कोशिश मुसाफिर
 जरिया ऐ जिंदगी
 लिबास मोहब्बत का
 ज़िन्दगी
 आईना मोहब्बत का
 ऐसा क्या आज दिल में
 ऐ दिल
 बेहतर कल
 आज और कल
 दस्तूर जिंदगी का
 नाम मोहब्बत में
 शायद
 खुद के करीब जिंदगी में
 आज रोना आया
 मोहब्बत खुद से होने लगी
 आज
 जिंदगी
 काश
 ख़्वाहिश और एहसास
 जाने क्यूँ
 हमसफ़र
 एक कोशिश
 अधूरे ख्वाब
 खुश हूँ आज,
 मुकाम
 दिल करता है
 "जी लूं हर दिन को नये सिरे से मैं"
 हसरतें आज मन में
 ज़िंदगी की बागडोर
 "ख्वाबों के शहर मे"
 नया कल


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