क्यों साज़िश
आज जिंदगी कर रही है....,
जो चाह सबसे करीब थी
वही मुझ से छूट रही है....,
कुछ था नज़दीकियों में
वो अब दूरियाँ बयान करती हैं....,
अजीब सिलसिला है मोहब्बत का
फासले में....,
ये तय तो नही होते
अक्सर दूरियों में नज़दीकी बयान कर जाते हैं....,(धीर)
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