गुजर-बसर तो हो ही जाती है,अगर जिन्दगी को जीने वाला सही हो।
थम जाती हैं मुश्किलें अक्सर...,गर कोशिशि करने वाला कोई हो।
भटकती राहें भी मंजिल तक ले आती हैं...,गर राह में मुसाफिर कोई हो।
तन्हाई भी भीड़ में बदल जाती है,गर खुद से मोहब्बत करने वाला कोई हो।
कभी कभी हार भी जीत का परचम लहराती है..,गर दोनों में फर्क समझने वाला सही हो।
-- Dhirendra S. Bishtगुजर-बसर तो हो ही जाती है,अगर जिन्दगी को जीने वाला सही हो।(धीर)

its too nice
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