पर आज दिलों के बीच आ गई..!
-- "धीर"
इतने रंग भी ना बदल ए मनचले आशिक,
कही इन रंगों में,
मैं तेरा असल रंग ही ना भूल जाऊं..!!
-- "धीर"
इतना आसान भी नहीं है लिखना,
खुद को पहले कलम की स्याही में मिलाना पड़ता है..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)
दुनिया भले ही ख्यालों में हो, पर मैं अपनी हकीकत से रूबरू हूँ।
ये पल मुश्किलों का ही सही, पर मैं अपनी चाहत के बहुत करीब हूँ।
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)
जो मन कह रहा, अब वही सुन रहा हूँ।
बेसुध हूँ इस कदर,
जैसे मैं जिन्दगी का कोई अफ़साना लिख रहा हूँ।
-- ''धीर"
Make a difficult job easier in life, then keep thinking always great intentions.
-- Dhirendra S. Bisht ( Dhir)