https://youtu.be/Ec0Lsax02dw?si=0peEQLyCEeMkNBCD
कुछ इस तरह ''ज़िन्दगी''
''आगाज़ नई ज़िंदगी का''
Sunday, 27 August 2023
Friday, 8 February 2019
अगर जिन्दगी को जीने वाला सही हो।
गुजर-बसर तो हो ही जाती है,अगर जिन्दगी को जीने वाला सही हो।
थम जाती हैं मुश्किलें अक्सर...,गर कोशिशि करने वाला कोई हो।
भटकती राहें भी मंजिल तक ले आती हैं...,गर राह में मुसाफिर कोई हो।
तन्हाई भी भीड़ में बदल जाती है,गर खुद से मोहब्बत करने वाला कोई हो।
कभी कभी हार भी जीत का परचम लहराती है..,गर दोनों में फर्क समझने वाला सही हो।
-- Dhirendra S. Bishtगुजर-बसर तो हो ही जाती है,अगर जिन्दगी को जीने वाला सही हो।(धीर)
Monday, 3 September 2018
ख़ामोशी से बेहतर हमसफर भला कौन होगा?
जब समय खुद के साथ ना हो,
तब खामोशी से बेहतर हमसफर भला कौन होगा? (धीर)

तब खामोशी से बेहतर हमसफर भला कौन होगा? (धीर)

Wednesday, 29 August 2018
खुशी की चाहत में वक़्त कितना कुछ सिखाता है
ये वक़्त भी अजीब है,
खुशी की चाहत में कितना कुछ सिखाता है।
कभी गैर को अपना तो कभी अपनों को गैर बनाता है।(धीर)

खुशी की चाहत में कितना कुछ सिखाता है।
कभी गैर को अपना तो कभी अपनों को गैर बनाता है।(धीर)

Thursday, 23 August 2018
मेरा किरदार हर रोज़ नया
जिन्दगी वही,
पर मेरा किरदार हर रोज़ नया,
कभी तन्हाई में तो कभी भीड़ में तलाश खुद की। ( धीर)

पर मेरा किरदार हर रोज़ नया,
कभी तन्हाई में तो कभी भीड़ में तलाश खुद की। ( धीर)

कुछ नया सिखाने के फिराक में “जिन्दगी”
ऐसा क्या? जो “जिन्दगी”
आज फिर से कुछ नया सिखाने के फिराक में है। (धीर)

आज फिर से कुछ नया सिखाने के फिराक में है। (धीर)

Saturday, 18 August 2018
खुद के साथ बने रहना
खुद के साथ बने रहना,
दुनिया में किसी मुश्किल से कम नही!
भीड़ भले ही अपने सामर्थ्य को जानती हो,
पर संचालन उसका सिर्फ़ किसी एक ही के हाथों में होता है !!(धीर)

दुनिया में किसी मुश्किल से कम नही!
भीड़ भले ही अपने सामर्थ्य को जानती हो,
पर संचालन उसका सिर्फ़ किसी एक ही के हाथों में होता है !!(धीर)

Friday, 17 August 2018
Monday, 13 August 2018
Rejection are Based on Present
Rejection are based on present.., Not on your future, just keep trying. The future will be yours. (DHiR)


Subscribe to:
Comments (Atom)



