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Tuesday, 12 September 2017

ना बदल ये सोच कर "ऐ जिंदगी"

ना बदल ये सोच कर ऐ जिंदगी,
कि मैंने खुद से हँसना सीख लिया है..!

ना बदल ये सोच कर ऐ जिंदगी,
कि मैंने मुश्किलों में जीना सीख लिया है..!

ना बदल राहें ये सोच कर ऐ जिंदगी,
कि मंज़िल के लिए, मैंने भटकना सीख लिया है..!

ना बदल ये सोच कर ऐ जिंदगी
कि बदलाव को ही मैंने जिंदगी समझ लिया है..!

ना निराश कर ये सोच ऐ जिंदगी,
कि बिखर के तुझ-संग, मैंने निखरना सीख लिया है..!
-- धीर..,

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