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Monday, 31 October 2016

Intermittently heights

A wish from my life, I want to touch to the ground intermittently heights..!
-- Dhirendra (Dhir)

Tuesday, 25 October 2016

बीते लम्हों

खुश तो नहीं मैं, बस कोशिश कर लेता हूँ हँसाने की,
भुला नहीं आज भी बीते लम्हों को,
बस थोड़ा व्यस्त हूँ कल को बनाने में
- "धीरेन्द्र" (धीर)

Sunday, 9 October 2016

हौसले

"जिंदगी में मुश्किलें बड़ी नहीं होती,
बल्कि उन से बड़ी उनको आसन करने वालों के हौसले होते है"
-- "धीरेन्द्र'' (धीर)

तलाश

जिंदगी को किसी सुनहरे मौके की तलाश नहीं होती,
बल्कि सुनहरे मौंको को एक अच्छी कोशिश करने वाले की तलाश हमेशा होती है।
-- ''धीर''

Wednesday, 5 October 2016

अफ़साना

जो मन कह रहा, अब वही सुन रहा हूँ।
बेसुध हूँ इस कदर,
जैसे मैं जिन्दगी का कोई अफ़साना लिख रहा हूँ।
-- ''धीर"

Wednesday, 28 September 2016

Monday, 26 September 2016

Wednesday, 7 September 2016

''Thinking and intentions''

Make a difficult job easier in life, then keep thinking always great intentions.
-- Dhirendra S. Bisht ( Dhir)

Monday, 29 August 2016

Understanding

''Explain to the person that can get an understanding of good and bad.''
-- Dhir

Tuesday, 23 August 2016

धुन

याद आई आज धुन पुरानी,
जो हुआ करती थी, कभी दिल की दीवानी।
मन मचल बैठा था उस धुन पर,
अब खुली आँखों में अतीत ने दी दस्तक सुहानी।

अब यादों का मौसम भी छाने लगा,
वो शख़्स भी यादों में आने लगा।
मैं ख़्वाहिशों के सुर को संजोने लगी थी,
दिल उनकी और मैं दिल की सुनने लगी थी।

वक़्त यही और दौर वही,
इनमें इतना ही फ़र्क़ सही।
वो सिलसिला वादों का,
और ये उनकी यादों का।

मैं कभी उस वक़्त में,
तो कभी उनकी यादों में खोती।
वो दूर हैं मुझसे, और मैं अक्सर
उनकी यादों के क़रीब होती।
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)

Wednesday, 10 August 2016

"Memories"

"None of memories can play better friendship"
--- Dhirendra S. Bisht

Tuesday, 9 August 2016

Time difference in life

Good times we tell our specialty, but often bad times, we feel as much of our atmosphere.
-- Dhirendra S. Bisht (Dhir)

Wednesday, 22 June 2016

''साथ जिंदगी भर का"

''किसी का साथ जिंदगी भर का हो ना हो,
पर यादें अकसर जिंदगी भर का साथ निभाती हैं।"
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)

Monday, 20 June 2016

सच

सच जितना ही आसान है, उसे स्वीकारना उससे भी मुश्किल है।
--''धीरेन्द्र'' (धीर)

Saturday, 11 June 2016

"मुश्किलों का साथ''

कोई साथ हो ना हो, पर मुश्किलें साथ हैं।
"साथ लोगों को अक्सर कमजोर बनाता है,
पर मुश्किलें हर कदम पर हौसला बढ़ाती है।''
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)

Sunday, 5 June 2016

आशा और निराशा

आशाओं का कोई अंत नहीं होता,
पर निराशा हर आशा का अन्त कर देती है।
--''धीरेन्द्र'' (धीर)

Saturday, 28 May 2016

"इम्तिहान जिन्दगी का''

''खुद को जितना मजबूत बनाओ,
ये ज़िन्दगी उतना ही कम इम्तिहान लेती है।''
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)

एक दिन जिन्दगी का

अगर सफर कर लो एक दिन जिंदगी का मुश्किल भरा,
तो ज़िन्दगी सालों तक खुशियाँ ले आती है मुफ़्त में।
-- ''धीरेंद्र" (धीर)

Friday, 27 May 2016

इंसानियत

पैसों से ज्यादा इंसानियत कमा के रखो!
वक्त बदलने पर पैसा नहीं, इंसानियत काम आती है।
-- "धीरेंद्र'' (धीर)

Monday, 23 May 2016

सफर सुहाना

जिन्दगी कोे ऐसे जाना,

जैसे कोई सफर था सुहाना।

कुछ रास्तों नेे इस कदर पहचाना,
लिखेगा ''धीर'' कोई अफ़साना।

उस कल में मैं यूँ खोया,
गोया सुर कोई, मेरे मन ने संजोया।

वो पागलपन था या जूनून,
ये तय कर पाना मुश्किल था।

बस यही चाहत थी मन।
कुछ कर दिखाऊँ।

हर हद से गुजर।
''ऐ जिन्दगी! बस तुझमें निखार लाऊँ।''

कोई हँसता, हालात पर मेरी,
और कोई देख तरसता, लगन को मेरी।

सपनो ने, दिन को रात
और रातों को दिन बनाया।

पाने की धुन में, हाय!
उस पल ने आँसूओं से मुँह धुलाया।
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)