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Tuesday, 28 March 2017

कदर

कदर किसी चीज़ की असल मे वही जान सकता हैं,
जिसने जिंदगी मे पाया कम और खोया ज़्यादा हो|
-- -- धीरेन्द्र (धीर)..,

जिंदगी को करीब से जाना है मैने

तरीके भले ही अलग हैं जिंदगी जीने के मेरे,
पर अक्सर इसे करीब से जाना है मैने..!
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Monday, 27 March 2017

"ख्वाबों के शहर मे"

एक ख्वाहिश उस रोज,
ख्वाबों के शहर मे|

ओस की बूँद की भांति
जा गिरी मन से ख्यालों के समंदर मे|

देख अचम्भा धीर,
कुछ पल के लिए|

मानो थम गया था वो दिन,
बस कुछ पल के लिए|

उस कल्पनाओं में था कुछ ऐसा,
मानो आशाओं के सावन में, उमंगों के बाहर जैसा|
-- धीरेन्द्र (धीर)..,


Sunday, 26 March 2017

सोच

सोच से बड़ा कोई नही है,
सोच होते हुए भी लोग नीचे गिर जाते हैं |
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Saturday, 25 March 2017

जिंदगी के सबक

मैं अक्सर गलत होता हूँ,
पर जिंदगी के सबक मुझे मौके पर सही बना देते हैं|
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Friday, 24 March 2017

कोशिशों का कारवाँ

कोशिशों का कारवाँ कुछ इस तरह "ज़िंदगी" मे,
मैं थक कर सोना चाहता हूँ, सपने फिर से जगा देते हैं|
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Thursday, 23 March 2017

नया कल

वक्त से कदम मिलाकर,
जिंदगी से सीख रहा हूँ|
ख्वाहिशों के शहर मे आज,
नये कल को खोज रहा हूँ|

बिखर रहा हर रोज अब,
नये कल को निखारने में|
जाने क्यूँ बीत रहा ये पल एसे,
मानो सदियों लग रही हों इसे बिताने में|
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Wednesday, 22 March 2017

चाहत

ज्यादा चाहत भी
इंसान को खुद का दुश्मन बना देती है।
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Monday, 20 March 2017

एहसास

मुश्किल है ये एहसास को समझ पाना,
लोगों ने कम, अक्सर मेरे दर्द ने मुझे जाना|
-- धीरेन्द्र (धीर)...,

"सबक ले मुश्किलों से"

सबक ले मुश्किलों से मुसाफिर,
आगाज मंजिल कठिन हो,
पर अंजाम ऐ जिंदगी खुशियों भरा होगा|
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Sunday, 5 March 2017

विश्वास की कहानी

विश्वास की कहानियाँ अक्सर सुनता आया हूँ,
पर किरदार आज तक नही देखा!
-- धीरेन्द्र (धीर)...,


उसूल दुनिया का

उसूल है दुनिया का,
जिस किसी को भी करीब से जानने लगोगे तुम,
कम्बखत वही तुम्हारी समझ का लाख इम्तहान लेगा..!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

नफरतों का गुब्बार

चाहे भर ले नफरतों का गुब्बार
"ए मनचले आशिक",
पर हम आशियाना मोहब्बत का दिल में बना बैठे हैं..!
-- "धीरेन्द्र" (धीर) _____,

प्यार से डर

''अब प्यार से भी डर लगने लगा हूँ,
दुश्मन मोहब्बत के ज्यादा और
नफरत करने वालों के अकसर कम होते हैं।''
-- "धीरेन्द्र'' (धीर)

आसुँओं कीमत

आँखों से भला कोई और
कैसे आसुँओं कीमत जान सकता है।
गम के हों या ख़ुशी पर,
आंसू भी अपना हक़ अदा कर जाता है।
--" धीर''

ख्याल

ज्यादा ख्याल भी
इंसान को एक दिन उसी का दुश्मन बना देता है..!!
-- "धीर"

मनचले आशिक

इतने रंग भी ना बदल ए मनचले आशिक,
कही इन रंगों में,
मैं तेरा असल रंग ही ना भूल जाऊं..!! 
-- "धीर"

तलाश ज्यादा है

ख्वाब कम अब तलाश ज्यादा है,
जिंदगी से कम पर कोशिशों से उम्मीदें और ज्यादा है..!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

समझ

समय है तो कभी खुद को समझ कर देखो,
दूसरों को समझना तो बहुत आसान है..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

लोग अल्फाज के आदि हैं

मैं तो बस एहसास लिखता हूँ,
और लोग तो अल्फाज के आदि हैं..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

असल जीने के मायने

जब दौड़ती है दरबदर जिंदगी,
तभी याद आते हैं असल जीने के मायने..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

जिंदगी को जीना सीखा

मैंने खुद को बदला नहीं,
अक्सर जिंदगी को जीना सीखा.!! 
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

आसान नहीं है लिखना

इतना आसान भी नहीं है लिखना,
खुद को पहले कलम की स्याही में मिलाना पड़ता है..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)