Tuesday, 29 August 2017
Monday, 28 August 2017
Friday, 25 August 2017
Wednesday, 23 August 2017
दस्तूर जिंदगी का
तजुर्बे बदले मैंने,
तो संग जिंदगी के हालात बदल गए..!
जिन्हें नाज़ समझते रहे उम्र भर,
वही आज जिंदगी का डर बन गए..!
जो सपना आँखों में दस्तक देता रहा,
क्यों कुछ लम्हों में वो सिमट गया..!
हार कर ही सही,
मगर, मैं जिंदगी को खूब जिया..!
ना किस्मत से,
शिकायत थी ना ही कभी वक्त से..!
मैं तो ग़म और ख़ुशियों को,
जिंदगी का दस्तूर समझता रहा..!
क्या सोच कर कीमत वसूली ज़माने ने,
मैं तो लोगों को अपना मान कर मोहब्बत अदा करता रहा..!
-- धीर..,
तो संग जिंदगी के हालात बदल गए..!
जिन्हें नाज़ समझते रहे उम्र भर,
वही आज जिंदगी का डर बन गए..!
जो सपना आँखों में दस्तक देता रहा,
क्यों कुछ लम्हों में वो सिमट गया..!
हार कर ही सही,
मगर, मैं जिंदगी को खूब जिया..!
ना किस्मत से,
शिकायत थी ना ही कभी वक्त से..!
मैं तो ग़म और ख़ुशियों को,
जिंदगी का दस्तूर समझता रहा..!
क्या सोच कर कीमत वसूली ज़माने ने,
मैं तो लोगों को अपना मान कर मोहब्बत अदा करता रहा..!
-- धीर..,
Tuesday, 22 August 2017
Monday, 21 August 2017
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Monday, 14 August 2017
Sunday, 13 August 2017
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Tuesday, 8 August 2017
Monday, 7 August 2017
Sunday, 6 August 2017
Friday, 4 August 2017
Wednesday, 2 August 2017
Tuesday, 1 August 2017
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