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Tuesday, 29 August 2017

जीने मायने मिल गए

कभी रास्ते तो
कभी राही बदल गए..!

छोटे से दौर में आज
जीने के कई मायनों मिल गए..!

ये वक्त ही तो है,
जो मेरा होकर भी मुझसे दूर होता है..!

चलो मोहब्बत में ही सही,
अपना ही अपनों से रूठने की बात कहता है..!

चाहत आज भी वही है,
मगर तन्हाई भरे दौर ने दिलों के जज्बात बदल दिये..!
-- Dhirendra S. Bisht | DHiR






Monday, 28 August 2017

Difference between the fool and the wise

There is only one difference between
the fool and the wise.
Fools display deficiencies
without understanding the point,
And sensible people use their intelligence properly without speaking. !!
-- Dhirendra S. Bisht | DHiR


Friday, 25 August 2017

कोरा कागज़- जिंदगी का

कुछ कोरे हैं
अभी कागज़ जिंदगी के..!

कुछ में लिख डाली है
जिंदगी ने शायरी..!

कुछ कोरे हैं,
अभी कागज़ मन के ..!

कुछ में लिख डाली है.!
मोहब्बत ने शायरी

कुछ लम्हें बीते हैं,
तुम बिन मेरे..!

कुछ में लिख डाली है
तन्हाइयों ने शायरी..!
-- धीर...,





Wednesday, 23 August 2017

दस्तूर जिंदगी का

तजुर्बे बदले मैंने,
तो संग जिंदगी के हालात बदल गए..!

जिन्हें नाज़ समझते रहे उम्र भर,
वही आज जिंदगी का डर बन गए..!

जो सपना आँखों में दस्तक देता रहा,
क्यों कुछ लम्हों में वो सिमट गया..!

हार कर ही सही,
मगर, मैं जिंदगी को खूब जिया..!

ना किस्मत से,
शिकायत थी ना ही कभी वक्त से..!

मैं तो ग़म और ख़ुशियों को,
जिंदगी का दस्तूर समझता रहा..!

क्या सोच कर कीमत वसूली ज़माने ने,
मैं तो लोगों को अपना मान कर मोहब्बत अदा करता रहा..!
-- धीर..,



I am stronger

I am stronger than others,
before knowing others weakness,
I recognize my strength.
-- DHIRENDRA S. BISHT | DHiR



Stage of Journey is still remains in life

Life have given to me great experience.
Instead of experience
The stage of journey is still remains in life.
-- DHiR..,

Tuesday, 22 August 2017

"आशिक" नाम था अपना

इन "फासलों" का भी
क्या कहना।
जिस शहर ने आशिक नाम रखा था अपना,
कुछ फ़ासलों ने आज
उसी शहर में तन्हा बना दिया..!
-- धीर..,



Monday, 21 August 2017

मोड़

कुछ लम्हें बदले
तो कुछ हम बदले गए।

कुछ ख्वाब टूटे
तो कुछ हम टूट गए।

उम्मीद वही थी जिंदगी से,
फिर भी हम खुद से रूठ गए।

चले थे जिस रास्तों से
मंजिल की ओर ।

उन रास्तों के मोड़ ने
आज जीने मायने बदल दिए।
-- धीर...,



भीड़ में चेहरे बहुत हैं

जो सच है जिंदगी में,
उन बातों से क्या भागना.!

भीड़ में चेहरे बहुत हैं आज,
हर एक से खुद को क्यों आंकना.!
-- धीर ..,



Thursday, 17 August 2017

फुर्सत से लिखा उनको

बहुत फुर्सत से लिखा उनको,
फिर भी ना पढ़ पाए मुझ को..!
-- धीर..,


Intelligence

A tree and its branches
grow up over time,
But due to the burden of branches
Instead of leaving them,
The tree tries to strengthen his roots.
That's instead of weakening people in difficult times
His wisdom should solve those problems.
-- DHiR...,


Monday, 14 August 2017

इबादत में कमियां

इबादत में जब भी उनकी
कुछ कमियां हम से होने लगी..!
उनको नफ़रतों से मोहब्बत ज्यादा,
मेरे इश्क़ से कम होने लगी..!
- - धीर...,


वक्त दवा है

वक्त से बड़ी कोई दवा नहीं,
हर घाव भर जाता है,
ज़ख़्मों को निहारते निहारते.!
- - धीर..,


Sunday, 13 August 2017

जख्मों की दवा

जख्मों की दवा ढूंढने निकले थे,
आज जिंदगी ही दर्द बन गई।

गमों को ज़िन्दगी मान चुके थे,
मगर जिंदगी ही आज हम से रूठ गई।
-- धीर..,

Saturday, 12 August 2017

एहसास

ये एहसास ही कुछ ऐसे हैं ,
जब-जब दिल भर आता है
खुद बख़ुद आँखों से उभर आते हैं.!
-- धीर..,


Friday, 11 August 2017

तन्हाई

कितनी खूब है ये तन्हाई,
जब-जब साथ होती है,
मुझ में खो कर खुद को बयां करती है.!
-- धीर..,


जिंदगी को जीना सीख गये

थोड़ी ख़ुशियाँ उधार मांगी थी,
बदले में हज़ार ग़म मिल गये.!

जीतना तो सीख गये थे जिंदगी को,
सही मायनों में हार कर, आज जिंदगी को जीना सीख गये.!
-- धीर...,


Tuesday, 8 August 2017

सवाल-जवाब

क्या शिकायत मेरे चेहरे पर है,
या सवाल ज़्यादा हैं लोगों की ज़ुबान पर.!
-- धीर..,


Monday, 7 August 2017

सुनसान डगर

ना दिन का पता
ना रातों की खबर.!

ना संगी है न साथी,
सुनसान सी है ये जिंदगी की डगर.!

रात का पहर अक्सर दिन के कारवें की बात करता है,
तन्हाई में मन बात बात पर खुद से उलझता है.!

आँखों में नींद कम,
आज ख़्वाब ज़्यादा हैं.!

खूब खोया है खुद को मुश्किलों में,
आज सिर्फ़ जिंदगी से पाने का इरादा है.!
-- धीर ..,



रस्म रिवाज

जब रिश्ते दिल से ना जुड़े हो,
फिर रस्म रिवाज़ों का क्या फ़ायदा.!
-- धीर..,


Sunday, 6 August 2017

Things are like faces

Things are like faces today,
And their meanings like people.
The topic is only one in life,
When people's direction depends on their own thinking!
-- DHiR..,


Friday, 4 August 2017

खामोशी

खामोश है समा आज,
फिर भी शहर में शोर है.!
कोई बयान कर के खामोश,
तो कही खामोशी बोल रही है.!

ज़ुबान चुप है,
फिर भी दिलों में शोर है.!
कही दिलों में नफ़रत घुल रही है,
कहीं दिलों में मोहब्बत का ज़ोर है.!
-- धीर..,



Wednesday, 2 August 2017

उम्मीद

जब जब टूटता हूँ,
अक्सर मन में नई उम्मीद जोड़ता हूँ।
-- धीर..,


खूबियाँ-कमियाँ

ख़ूबियाँ भले ही हो मुझ में,
असल कला तो लोगों में है,
कमियाँ तराशने की।
-- धीर..,


Tuesday, 1 August 2017

तन्हाई

ये तन्हाई भी कितना तोड़ती है,
रुख मोहब्बत का हो,
फिर भी दिलों को नफरत से जोड़ती है।
-- धीर..,