कभी रास्ते तो
कभी राही बदल गए..!
छोटे से दौर में आज
जीने के कई मायनों मिल गए..!
ये वक्त ही तो है,
जो मेरा होकर भी मुझसे दूर होता है..!
चलो मोहब्बत में ही सही,
अपना ही अपनों से रूठने की बात कहता है..!
चाहत आज भी वही है,
मगर तन्हाई भरे दौर ने दिलों के जज्बात बदल दिये..!
-- Dhirendra S. Bisht | DHiR
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