Wednesday, 29 November 2017
Monday, 27 November 2017
Saturday, 25 November 2017
नक़ाब मोहब्बत का
खामोश हूँ आज
फिर ये मन में शोर कैसा...,
तन्हाई साथ है मेरे,
फिर ये भीड़ में दोस्ती का होड़ कैसा...,
अगर दर्द जिंदगी है
तो दिल को ज़ख़्मों से हमदर्दी का भाव कैसा...,
अजीब लोग हैं आज भीड़ में
खुद दर्द देकर, खुद ही हाल पूछ लेते हैं...,
नक़ाब मोहब्बत का पहनकर
दिलों का रुख़ नफरत की ओर कर लेते हैं...,(धीर)
फिर ये मन में शोर कैसा...,
तन्हाई साथ है मेरे,
फिर ये भीड़ में दोस्ती का होड़ कैसा...,
अगर दर्द जिंदगी है
तो दिल को ज़ख़्मों से हमदर्दी का भाव कैसा...,
अजीब लोग हैं आज भीड़ में
खुद दर्द देकर, खुद ही हाल पूछ लेते हैं...,
नक़ाब मोहब्बत का पहनकर
दिलों का रुख़ नफरत की ओर कर लेते हैं...,(धीर)
Thursday, 23 November 2017
Friday, 17 November 2017
Tuesday, 14 November 2017
Monday, 13 November 2017
Sunday, 12 November 2017
Thursday, 9 November 2017
Tuesday, 7 November 2017
Friday, 3 November 2017
Wednesday, 1 November 2017
फर्क अतीत और आज में
ख्वाहिशें अक्सर जीत की थी जिंदगी में ..,
क्यों आज मन खुद से ही हार गया..!
अतीत उम्मीदों भरा था मेरा..,
क्यों आज मन खुद से ही हार गया..!
अतीत उम्मीदों भरा था मेरा..,
फिर क्यों आज मुझे नकार गया...!
क्या इतना ही फर्क है?
अतीत और आज में..!
जो सुबह अपनी रोशन हुआ करती थी...,
उन्ही में आज एक अजीब सी धुन्ध है..!
अतीत और आज में..!
जो सुबह अपनी रोशन हुआ करती थी...,
उन्ही में आज एक अजीब सी धुन्ध है..!
जिसमें अक्सर पाने की चाह हुआ करती थी,
उसी को आज खोने का मन है..!
जिनसे अतीत में ख़ुशियाँ थी...,
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