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Tuesday, 13 March 2018

बदलते दौर की नज़ाकत

एक ओर खामोशी
तो एक ओर शोर है..!!

कुछ रिश्ते अतीत से जुड़े थे मेरे,
कुछों की मौजूदगी आज से है..!!

कहाँ बदले हैं वक्त ने नज़ारे,
यहाँ तो बदलते दौर की अब नज़ाकत ही कुछ और  है।(धीर)

एक ओर खामोशी
तो एक ओर शोर है..!!

कुछ रिश्ते अतीत से जुड़े थे मेरे,
कुछों की मौजूदगी आज से है..!!

कहाँ बदले हैं वक्त ने नज़ारे,
यहाँ तो बदलते दौर की अब नज़ाकत ही कुछ और है।(धीर)

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