यूँ चला था मोहब्बत का काफिला संग में,
कि चलते चलते हम ही गुम हो गये..!
कुछ था उन नज़दीकियों में,
जो हम भी इश्क़ के करीब होने लगे थे.!
कुछ आज है इन फासलों में कि अब
पल पल दिल में सवालों के तूफान उठने लगे हैं..!(धीर)

कि चलते चलते हम ही गुम हो गये..!
कुछ था उन नज़दीकियों में,
जो हम भी इश्क़ के करीब होने लगे थे.!
कुछ आज है इन फासलों में कि अब
पल पल दिल में सवालों के तूफान उठने लगे हैं..!(धीर)

No comments:
Post a Comment