खामोश हूँ आज,
फिर ये मन मे शोर कैसा।
कुछ था चंद लम्हों में,
आज में उसका ये असर कैसा।
कुछ जुड़ा था अतीत मुझे से,
कुछ में आज से।
जिंदगी महज एक ज़रिया है,
फिर जीने ही ये फर्क कैसा।
खामोश हूँ आज,
फिर ये मन मे शोर कैसा।(धीर )

फिर ये मन मे शोर कैसा।
कुछ था चंद लम्हों में,
आज में उसका ये असर कैसा।
कुछ में आज से।
जिंदगी महज एक ज़रिया है,
फिर जीने ही ये फर्क कैसा।
खामोश हूँ आज,
फिर ये मन मे शोर कैसा।(धीर )

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