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Monday, 31 July 2017

मुश्किल समय

जिंदगी में आसान चीजों की कीमत,
मुश्किल समय में ही समझ आती है.!
-- धीर..,


Saturday, 29 July 2017

तन्हाई

अक्सर जोड़ता हूँ एहसासों को,
जब भी तन्हाई मुझे तोड़ती है.!
-- धीर..,


दिल की "फरियाद"

हर बात पर मुझसे बेबात करता है,
ज़ख्म हज़ार हैं दिल में,
ये दिल
अब भी मुझसे इश्क़ की "फरियाद" करता है.!
-- धीर..,



Friday, 28 July 2017

बीज- ग़लतफहमी का

जो बीज तुमने बोया है ग़लतफहमी का मन में,
वो कल पेड़ बन जाएगा.!

आज बातें एहसास तले है,
कल को यही किस्सा बन जाएगा.!

सिंच लो अपनी ही बातों से मन,
शायद आज आपका दिल मान जाएगा.!

कर भी लो लाख कोशिश कल,
ये आलम फिर नही आएगा.!

जो बीज तुमने बोया है ग़लतफहमी का मन में,
वो कल पेड़ बन जाएगा.!
-- धीर..,


नया इश्क़

इश्क़ नया है,इबादत वही है..!
महकने लगे हैं
आज तेरी मोहब्बत में,
के अब ये दुनियाँ और नई लगने लगी है.!
-- धीर...,


Thursday, 27 July 2017

तन्हाई

कितनी चुप है ये तन्हाई.!
ना मुझ में मैं हूँ और ना मेरी परछाईं.!
 -- धीर..,


हद

ऊँचा उठने की
भले ही कोई हद हो जिंदगी में ,
पर आज लोगों में
गिरने की कोई हद नही होती .!
-- धीर..,


Wednesday, 26 July 2017

भीड़ में तन्हा से होने लगे हैं

कुछ लम्हा जिंदगी का जोड़कर
कुछ क़िस्से लिख रहा हूँ.!

खोया हूँ आज में ऐसे,
जैसे कोई कल लिख रहा हूँ.!

सिलसिले मोहब्बत के कम,
अब नफरत के ज़्यादा होने लगे हैं ..!

भीड़ में हैं आज,
फिर भी तन्हा से होने लगे हैं.!
-- धीर..,


Tuesday, 25 July 2017

दूरियाँ

कभी फ़ुरसत मिले तो,
बन कर आना ख़्वाब तुम.!
अब हक़ीकत,
सिर्फ़ दूरियाँ बयान करती है.!
-- धीर..,


दर्द

दर्द बातों में नही,
एहसास में छुपा होता है.!
जो कभी आँखों से,
तो कभी सीरत से बयान होता है..!
-- धीर..,


Monday, 24 July 2017

खुद को खोया

जितनी मिली है जिंदगी,
उतना ही खुद को खोया है.!

किसी ने अपना के ठुकरा दिया,
और किसी ने आज ठुकरा कर आज़माया है.!
-- धीर...,


जिंदगी के अंधेरे

गुमनाम था उस रोज़ मैं,
आज पहचान सी मिली है.!

उजाले में रोशन तो हुआ हूँ,
ये चमक सिर्फ़ जिंदगी के अंधेरों से मिली है.!
-- धीर..,


Sunday, 23 July 2017

जिंदगी के नज़ारे

नज़रिया नही,
जिंदगी के नज़ारे बदल गये.!
हम तो आज भी वही हैं,
समय की दौड़ में सिर्फ़ जिंदगी के किनारे बदल गये.!
-- धीर...,


एहसास कहते हैं

ये एहसास इतना कुछ क्यूँ कहते हैं,
सुनने वाले कम हैं, मुझ को आज,
फिर भी मुझे छोड़ कर, ये अपनी बात कहते हैं.!
-- धीर..,


मोहब्बत और सितम

दर्द मोहब्बत से कम,
सितम से बढ़ेगा.!
अब ज़ख्म दवा से नही,
सिर्फ़ दुआ से भरेगा.!
-- धीर..,


Saturday, 22 July 2017

कोशिश का परिचय

ना हँस बेगैरत मेरी हार पर,
हर बाज़ी को मैने
अपनी कोशिश का परिचय दिया है.!
-- धीर...,


वो शख्स

मेरी बातों को वो शख्स क्या समझेगा,
जो अब तक खुद को नही जान पाया.!

वो कीमत क्या जाने वक्त की,
जो शख्स समय को नही पहचान पाया.!
-- धीर...,




खुशी-ग़म

जितनी मिलने की खुशी,
उतना ही बिछड़ने का ग़म.!

बिना यादों के गुजरता नहीं
अब लम्हा जिंदगी का.!
-- धीर ..,


Friday, 21 July 2017

कर कोशिश मुसाफिर

कर कोशिश इस कदर मुसाफिर,
के हर मुश्किल आसान हो जाए.!

दुनिया भले तुझे आज चाहे या ना चाहे,
क्यूँ ना नाम कल लोगों की ज़ुबान पर आए .!

सीख ले तालीम वक्त से,
शायद कल तुझे अपना बनाए .!

परवाह ठिकानों की छोड़कर,
क्यूँ ना सफ़र को जिंदगी मान ली जाए.!

बयान कर जिंदगी को इस कदर,
के पढ़ने वालों की ये मिसाल बन जाए.!

ग़म ज़रिया है जिंदगी का,
क्यूँ न संग उनके, आगे बढ़ा जाए.!

दूर कर अंधेरे जिंदगी के,
के उजाले में तेरा परचम लहराए .!

कर कोशिश इस कदर मुसाफिर,
के हर मुश्किल आसान हो जाए.!
-- धीर (धीरेन्द्र)...,



Wednesday, 19 July 2017

कोशिश

कोशिश एक ऐसी चीज़ है,  
जो लोगों के हुनर को जानती है,
वरना दुनिया तो आज
सिर्फ़ कमियाँ ही पहचानती है.!
-- धीर (धीरेन्द्र)..,



Saturday, 15 July 2017

जरिया ऐ जिंदगी

खुद को खुद से इस कदर तराशा.!
जिंदगी में कभी जीत की आशा तो कभी हार से निराशा.!

कभी खुद को लिख कर, कभी पढ़कर लिखा,
ख़्वाहिश को भूल कर हर पल मुश्किलों से लड़ा .!

रूठा था कल चन्द लम्हों से ,
पर आज ज़िंदगी चाहत बन गई.!

नफरत का दौर तो आज भी है,
पर जिंदगी में मोहब्बत एक दुआ सी बन गई.!

लिखना इबादत था,
और आज जरिया ऐ जिंदगी बन गई.!
-- धीर (धीरेन्द्र)..,





Friday, 14 July 2017

तन्हाई

कभी मिलो तन्हाई से,
तो पूछना,
दूरियाँ बयान की हैं,
जिंदगी के पन्नों में लिख कर..!
-- धीर (धीरेन्द्र)..,



Thursday, 13 July 2017

जीने के मायने

रास्ते नहीं मायने बदल लो जीने के,
बदलाव पल में नही होते,
अक्सर जिंदगी बीत जाती है
कल को बेहतर बनाने में..!
-- धीर (धीरेन्द्र)...,



Wednesday, 12 July 2017

लिबास मोहब्बत का

ओढ़ लूँ लिबास तेरी मोहब्बत का,
आज तेरी पनाह में जीने को जी करता है.!

तेरी ख़्वाहिश में डूबा मन,
अब रोज़ मुझ से उलझता है!

भूल जाऊँ अब खुद को,
ये दिल मुझ से तेरी बातें करता है.!

थाम लूँ हर लम्हा हर पल को मैं,
जो संग तेरे गुजरता है.!

निखार लूँ खुद को आज मैं,
तेरे इश्क़ में बिखर ने को जी करता है.!

ओढ़ लूँ लिबास तेरी मोहब्बत का,
आज तेरी पनाह में जीने को जी करता है.!
-- धीर (धीरेन्द्र)...,


Tuesday, 11 July 2017

गुस्ताख दिल

अब नाराज़ रहने दो दिल को,
दर्द में ये बीते लम्हों को याद करेगा।
ना कर परवाह किसी ख़्वाहिश की,
ये फिर से गुस्ताखी करेगा.!
-- धीर (धीरेन्द्र)..,


Sunday, 9 July 2017

ज़िन्दगी

कभी शौक था लिखना लम्हों को,
आज यही ज़िन्दगी बन गया है.!

खो कर उसी को मिला है,
जिसने ज़िन्दगी को ज़िन्दगी से जिया है.!

मन की किताब हर जगह खुलती नहीं ,
बस इसे तलाश रहती है पढ़ने वालों की.!

गमों से उभर के तो देखो,
ज़िन्दगी तब तब हँसी है.!

जब जब उसके चेहरे पर
किसी ने दिल के बात पढ़ी है.!
-- धीर (धीरेन्द्र)...,





Integrity

If your integrity
The path began to become difficult,
So understand,
You are very close to the goal."
- DHiR (Dhinendra) ...,


Saturday, 8 July 2017

सबक

समय भले बुरा हो जिंदगी में,
किंतु सबक हमेशा सही सिखाता है.!
-- धीर ..., 

Friday, 7 July 2017

Human thinking

Human thinking can be as high as that,
As much as he could make mindset for the people.
-- Dhirendra S. Bisht..,


Wednesday, 5 July 2017

भाग्य और कर्म

भाग्य कर्म पर निर्भर होता है,
कर्म भाग्य पर निर्भर नहीं.!
-- धीर....,


Better Things

Things are better in life,
Which is a bit difficult with our thinking.
-- DHiR (Dhirendra S. Bisht)





Tuesday, 4 July 2017

जिंदगी की समझ

जिंदगी का मतलब,
सुख और दुख का होना नही है.!
जिंदगी वहाँ है,
जहाँ दोनों की समझ है.!
-- धीर (धीरेन्द्र)....,



शायरा तेरे इश्क़ की

तुम मुझे जिंदगी चुन लेना
मैं तुम्हें हमसफर.!
तलाश लूँगी तुझ को जिंदगी की ग़ज़ल में,
शायरा मैं तेरे इश्क़ की.!
-- धीर (धीरेन्द्र)...,


Monday, 3 July 2017

इश्क़ का मतलब

कोई समझा दे हमें मतलब इश्क़ का,
हर शख्स को खुद में खोते देखा है,
खुद ही को पाने के लिए.!
-- धीर (धीरेन्द्र)....,


Sunday, 2 July 2017

खास वजह

खुद को समझने के लिए,
जिंदगी में कभी कोई खास वजह नही होती.!

अगर सफर हो मुश्किलों से भरा,
तभी तन्हाई में सिर्फ़ अपनी ही बातें होती है.!
-- धीर (धीरेन्द्र)...,