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Friday, 28 July 2017

बीज- ग़लतफहमी का

जो बीज तुमने बोया है ग़लतफहमी का मन में,
वो कल पेड़ बन जाएगा.!

आज बातें एहसास तले है,
कल को यही किस्सा बन जाएगा.!

सिंच लो अपनी ही बातों से मन,
शायद आज आपका दिल मान जाएगा.!

कर भी लो लाख कोशिश कल,
ये आलम फिर नही आएगा.!

जो बीज तुमने बोया है ग़लतफहमी का मन में,
वो कल पेड़ बन जाएगा.!
-- धीर..,


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