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Monday, 3 September 2018

ख़ामोशी से बेहतर हमसफर भला कौन होगा?

जब समय खुद के साथ ना हो,
तब खामोशी से बेहतर हमसफर भला कौन होगा? (धीर)

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Wednesday, 29 August 2018

खुशी की चाहत में वक़्त कितना कुछ सिखाता है

ये वक़्त भी अजीब है,
खुशी की चाहत में कितना कुछ सिखाता है।
कभी गैर को अपना तो कभी अपनों को गैर बनाता है।(धीर)

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Thursday, 23 August 2018

मेरा किरदार हर रोज़ नया

जिन्दगी वही,
पर मेरा किरदार हर रोज़ नया,
कभी तन्हाई में तो कभी भीड़ में तलाश खुद की। ( धीर)

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खुद ही मैं गुम हूँ

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कुछ नया सिखाने के फिराक में “जिन्दगी”

ऐसा क्या? जो “जिन्दगी”
आज फिर से कुछ नया सिखाने के फिराक में है। (धीर)



स्वार्थ


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Saturday, 18 August 2018

खुद के साथ बने रहना

खुद के साथ बने रहना,
दुनिया में किसी मुश्किल से कम नही!

भीड़ भले ही अपने सामर्थ्य को जानती हो,
पर संचालन उसका सिर्फ़ किसी एक ही के हाथों में होता है !!(धीर)
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Friday, 17 August 2018

सपनों का टूटना

एक सपने को पूरा करने के लिए,
कई सपनों का टूटना जरूरी है। (धीर)
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Monday, 13 August 2018

Rejection are Based on Present

Rejection are based on present.., Not on your future, just keep trying. The future will be yours. (DHiR)

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Friday, 10 August 2018

बढ़ने दो बातें आज

बढ़ने दो बातें आज,
सुर्ख़ियों में अब रहने को जी सा करता है..!

रूठने दो जमाने को आज,
सिर्फ़ खुद का हो जाने को आज जी करता है..!!(धीर)



Wednesday, 8 August 2018

मज़बूती का भान

जिस खम्भे में ज्यादा भार होता है, ज़रुरी नहीं उसे गिरने का ख़तरा हो,
उसे अपनी मज़बूती का भान भी होता है| (धीर)
जिस खम्भे में ज्यादा भार होता है, ज़रुरी नहीं उसे गिरने का ख़तरा हो,
उसे अपनी मज़बूती का भान भी होता है| (धीर)

Thursday, 2 August 2018

मोहब्बत को ख़ुदा माना

ले डूबा आज उसे ही इश्क,
जिसने मोहब्बत को कभी ख़ुदा माना,
जिन्दगी के मायने मोहब्बत से भले ही जुड़े थे,
सही मायनों में आज नफरत ने ही, इस गैर को अपना माना।(धीर)

Friday, 20 July 2018

विचारों की स्वतंत्रता

विचारों की स्वतंत्रता, बातों से कई गुना बड़ी होती है। (धीर)

Thursday, 19 July 2018

ख्वाहिशें गुम हैं

“खुद की तलाश में, गुम हैं ख्वाहिशें”- धीर

Friday, 6 July 2018

जिन्दगी से सीखना बाकी है

अभी और अंधेरा है जिन्दगी में, अभी तो उजाला बाकी है।
जीत हार के बाद मिले या जीत के बाद हार, अभी जिन्दगी से सीखना बाकी है। (धीर)

Monday, 2 July 2018

दूरियाँ बहुत सीखा जाती हैं




नजदीकियों का कोई पता नहीं है,
पर दूरियाँ बहुत सीखा जाती हैं जिन्दगी में। (धीर)

Tuesday, 19 June 2018

जिंदगी भीड़ में

जिंदगी भीड़ में ही सही,
अक्सर जिक्र सपनों का ज़हन में आता है!

फ़िक्र आज की हो,
या आने वाले किसी कल की,

पल-पल में,
जिंदगी का ढंग बदल जाता है.!

कुछ खुद से दूर रह लो,
या कुछ करीब मुश्किलों के,

सब्र का हुनर,
जिंदगी को नज़दीकियों तक ले आता है!

सफलता सौ सालों में ही सही,
ग़म उम्र ढलने का
एक दिन मन से निकल जाता है! 

जिंदगी भीड़ में ही सही,
अक्सर जिक्र सपनों का ज़हन में आता है! (धीर)
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Monday, 18 June 2018

मशहूर

मशहूर तो हम तब हुये,
जब अपनों के बीच रहकर हम शहर में अजनबी हुये। (धीर)

Wednesday, 13 June 2018

हुनर

आने लगेगी कमियाँ बीच - बीच में,
जब जमाना तुम्हें लोगों से कम,
हुनर से ज्यादा जानेगा। (धीर)




Sunday, 27 May 2018

वक्त और मेरे अपनों के बीच का रिश्ता

कुछ अजीब रिश्ता रहा है मेरा,
वक्त और मेरे अपनों के बीच,
जब वक्त था तब अपने नही,
आज अपने हैं तो वक्त ही नही। (धीर)



Saturday, 19 May 2018

असल चुनौती

जिन्दगी में असल चुनौती तब हासिल होती है,
जब दुनिया हमारे खिलाफ और हम खुद के साथ होते हैं..!(धीर)

Friday, 18 May 2018

सबक एक ज़रिया है “ज़िदगी” का

सबक तो सिर्फ एक ज़रिया है
“ज़िदगी” का...,
रिश्ते तो यूँ ही बदनाम होते हैं। (धीर)

Tuesday, 15 May 2018

“कौन कहता है जिन्दगी छोटी है"

“कौन कहता है
जिन्दगी छोटी है।”

“इरादे बड़े हों
सोच से अगर..,

तो लम्हों को इतिहास बनने में
देर नही लगती।”(धीर)




Sunday, 13 May 2018

जेबें अक्सर भरी जाती हैं खाली होने के लिए

दिल बड़ा रखो।
जेबें तो अक्सर खाली होने के लिए भरी जाती हैं आजकल। (धीर)

Friday, 11 May 2018

The Ratio of Income

The ratio of income isn't as needed,
But it's necessary to be consistent with time.(DHiR)

Tuesday, 8 May 2018

Challenge

Every challenge comes to us..,
To know how capable we are to handle it.(DHiR)
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Saturday, 5 May 2018

खूबसूरती

खूबसूरती तो सिर्फ सोच से है,
चेहरे तो अक्सर चेहरों जैसी बात करते हैं। (धीर)

Friday, 27 April 2018

Thursday, 26 April 2018

हुनर

अजीब है ये हुनर जितना करीब आता है,
उतना ही खुद से दूर होना सिखाता है। (धीर)

अजीब है ये हुनर जितना करीब आता है,
उतना ही खुद से दुर होना सिखाता है। (धीर)

Wednesday, 25 April 2018

किरदार

अजीब किरदार है मेरा ज़िन्दगी में,
अक्सर खो जाता हूँ
खुद को तलाशते तलाशते। (धीर)



Monday, 23 April 2018

Laugh at Someone

It’s strange thing,
Easy To laugh at someone.
But to bring happiness at someone's face quite difficult. (DHiR)
It’s strange thing,
Easy To laugh at someone.
But to bring happiness at someone's face quite difficult. (DHiR)

Thursday, 19 April 2018

हुनर खुद की काबिलियत को परखने का

खुद की काबिलियत को परखने का हुनर होता,
तो शायद अफ़वाहों का असर आज लोगों में कम होता..!(धीर )

एहसास जिंदगी और मेरे बीच के

ये एहसास हैं, जिंदगी और मेरे बीच के,
ना ही मुश्किल,
ना ही आसान होगा समझना
जितना खुद को खोओगे,
शायद उतना पाओगे..!!(धीर)

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Saturday, 14 April 2018

सौदागर ज़िंदगी

दुनियाँ में कीमत तो हर चीज़ की तय है,
सिर्फ़ फ़र्क इतना है
ये ज़िंदगी ही सौदागर नही है..!! (धीर)

Friday, 13 April 2018

सोच एक सीढ़ी है

सोच ही एक ऐसी सीढ़ी है,
जो इंसान को खुद से और दुनिया को
उससे जोड़ती है। (धीर)
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Music is a Magic

Music is a magic,
Which is connects from heart to the dreamland.{DHiR}

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Thursday, 12 April 2018

Relationship

Relationship isn't entitled any
Gifts or expensive things.
It deserves only love.(DHiR)

Wednesday, 11 April 2018

मन मे शोर कैसा

खामोश हूँ आज,
फिर ये मन मे शोर कैसा।

कुछ था चंद लम्हों में,
आज में उसका ये असर कैसा।

कुछ जुड़ा था अतीत मुझे से,
कुछ में आज से।

जिंदगी महज एक ज़रिया है,
फिर जीने ही ये फर्क कैसा।

खामोश हूँ आज,
फिर ये मन मे शोर कैसा।(धीर )

शायद पाने का हुनर आ जाए

कभी खुद को खोकर तो देखो,
शायद पाने का हुनर आ जाए..!!

मुश्किलों को ज़रा करीब से तो देखो,
शायद ज़िदगी आसान हो जाए..!!

कभी मुठ्ठी बाँध कर भी देखो,
शायद तकदीर का दरवाज़ा खुल जाए..!!

भीड़ में खुद का हौसला बन कर चलो,
शायद भीड़ आपका हौसला बन जाए..!!

जमीन में लकीर खींच कर तो देखो,
शायद आसमान का कद छोटा पड़ जाए..!!

कभी खुद को खोकर तो देखो,
शायद पाने का हुनर आ जाए..!!(धीर)

कभी खुद को खोकर तो देखो,
शायद पाने का हुनर आ जाए..!!

मुश्किलों को ज़रा करीब से तो देखो,
शायद ज़िदगी आसान हो जाए..!!

कभी मुठ्ठी बाँध कर भी देखो,
शायद तकदीर का दरवाज़ा खुल जाए..!!

भीड़ में खुद का हौसला बन कर चलो,
शायद भीड़ आपका हौसला बन जाए..!!

जमीन में लकीर खींच कर तो देखो,
शायद आसमान का कद छोटा पड़ जाए..!!

कभी खुद को खोकर तो देखो,
शायद पाने का हुनर आ जाए..!!(धीर)  

Tuesday, 10 April 2018

तलाश

वैसे भी कौन है किसी का इस दुनिया में,
जिसे देखो उसे अपनी अपनी तलाश है । (धीर)

Sunday, 8 April 2018

मुकाम जिन्दगी

जितनी मासूम है ये,
उतना ही मुश्किल मुकाम है जिन्दगी का। (धीर)


Thursday, 5 April 2018

भीड़ में चेहरे

सच तो सिर्फ एक ही होगा,
भीड़ में चेहरे चाहे जितने भी हों,
बातें तो उतनी ही होंगी। (धीर)



Wednesday, 4 April 2018

बातें इंसान की ज़िंदगी बदल देती हैं

कभी कभी बातों से इंसान नहीं,
बातें इंसान की ज़िंदगी बदल देती हैं..!(धीर)



Tuesday, 3 April 2018

Know the real value of Present

Past was just with you for an experience.
Know the real value of present.
The future will be yours.{DHiR}



Monday, 2 April 2018

गुमसुम जिन्दगी

“अजीब है ये शहर,
आज़ाद हवाओं के संग अक्सर गुमसुम जिन्दगी जीता है।”(धीर)
“अजीब है ये शहर,
आजाद हवाओं के संग अक्सर गुमसुम जिन्दगी जीता है।”(धीर)

Sunday, 1 April 2018

जिन्दगी खो कर बहुत कुछ सिखाती है

जज्बात खुद से खुद को खोने के हों,
तो ही जिन्दगी हमें खुद से मिलाती है।

जरूरी नही, पाने की चाहत अक्सर सही हो,
कभी-कभी खो कर भी जिन्दगी बहुत कुछ सिखाती है। (धीर)

जज्बात खुद से खुद को खोने के हों,
तो ही जिन्दगी हमें खुद से मिलाती है।

जरूरी नही, पाने की चाहत अक्सर सही हो,
कभी-कभी खो कर भी जिन्दगी बहुत कुछ सिखाती है। (धीर)

Friday, 30 March 2018

ज़िंदगी में अभी आज बाकी है..!

अतीत तो एक ज़रिया था,
ज़िंदगी में अभी आज बाकी है..!

खोना तो दस्तूर है जिंदगी का,
पाना अभी तो बाकी है..!

बेशक वक्त से हार गया मैं,
खुद में जीत बरकरार अभी भी बाकी है..!

थाम ना पाया दामन अतीत मेरा,
पर आज में  हुनर अभी बाकी है..!

अतीत तो एक ज़रिया था,
ज़िंदगी में अभी आज बाकी है..!(धीर )



पागलपन जरूरी है, “जिन्दगी” में

“पागलपन जरूरी है, जिन्दगी में।
शौक तो सिर्फ एक नशा है।
जो एक दौर के बाद बदल जाता है।”(धीर)

“पागलपन जरूरी है, जिन्दगी में।
शौक तो सिर्फ एक नशा है।
जो एक दौर के बाद बदल जाता है।”(धीर)

Monday, 26 March 2018

खोने का मलाल

जिस शख्स ने खुद ही को खो दिया हो,
उसे किसी के खोने का क्या मलाल। (धीर)

जिस शख्स ने खुद ही को खो दिया हो,
उसे किसी के खोने का क्या मलाल। (धीर)