Check out my book on YourQuote. Recently published with YourQuote. click the link: https://www.yourquote.in/dhirendra-bisht-de4h/books/kuch-is-trh-jindgii-ck9

Friday, 22 September 2017

Moving Forward with life's Challenges

No matter where life will take me,
But it’s depend on me
How I will move forward with life challenges.{DHiR}


Thursday, 21 September 2017

हार और जीत

खेल में जीत किसी एक के लिए तय होती है,
किंतु जिंदगी में हार
सिर्फ सबक लेने वाले के लिए होती है.! (धीर)


 


Wednesday, 20 September 2017

Difference Between Knowledge and Experience

The difference between Knowledge and Experience
Knowledge creates our foundation
and Experience build the altitude of success. (DHiR)



Height of success

There’s a big height of success
often in life we get it in a small figure.
-- Dhirendra S. Bisht | DHiR


People are as like weather

People are as like weather in my life,
As spring some bring to me happiness.
As summer and winter they experience my life efforts.
As rain they challenge to me on life opportunity.
-- DHIRENDRA S. BISHT | DHiR

Tuesday, 19 September 2017

Think about the world

I don't care about the world,
whatever thinks about me,
I only care about that,
what I think about the world.
-- Dhirendra Dhir Bisht





Monday, 18 September 2017

जीने के मायने

जिंदगी एक,
जीने के मायने अनेक..!
-- धीर "धीरेन्द्र"..,

Silence

Sometimes silence is also true,
To connect your today with the past.
-- Dhirendra S. Bisht| DHiR


Wednesday, 13 September 2017

Eligibility and Intelligence

Never decide the eligibility of someone's
with your intellect.
An intelligent man never shows
his intelligence.
Rather, his eligibility
always shows the person's personality. 
-- DHIRENDRA S. BISHT | DHiR



Tuesday, 12 September 2017

ना बदल ये सोच कर "ऐ जिंदगी"

ना बदल ये सोच कर ऐ जिंदगी,
कि मैंने खुद से हँसना सीख लिया है..!

ना बदल ये सोच कर ऐ जिंदगी,
कि मैंने मुश्किलों में जीना सीख लिया है..!

ना बदल राहें ये सोच कर ऐ जिंदगी,
कि मंज़िल के लिए, मैंने भटकना सीख लिया है..!

ना बदल ये सोच कर ऐ जिंदगी
कि बदलाव को ही मैंने जिंदगी समझ लिया है..!

ना निराश कर ये सोच ऐ जिंदगी,
कि बिखर के तुझ-संग, मैंने निखरना सीख लिया है..!
-- धीर..,

Monday, 11 September 2017

आज याद आएँ हैं खुद को

खुद को भूल गये,
गैरों को याद करते-करते.!

आज याद आएँ हैं खुद को,
जब अपने गैर समझ गये मुझ को..!
-- धीर..,


Saturday, 9 September 2017

आंसुओं की- कदर

कदर आंसुओं की किसी को हो ना हो,
मगर आँखों को खूब होती है.!

कोई क़रीबी दिल से दूर हो,
तो आँखों को भी आंसुओं की कमी महसूस होती है.!
-- धीर..,



जश्न बर्बादी का

ना हम आबाद थे,
ना मोहब्बत,
क्यों ना मिलकर जश्न बर्बादी का मनाया जाए..!
-- धीर..,


Friday, 8 September 2017

एहसास

ये एहसास ही तो हैं जो मुझे तुझ से जोड़ता है,
क्यों करूँ तन्हाई की बात तुम से,
जब जब तुझ से दूर होता हूँ
तब तब ये मुझे तोड़ता है..!
-- धीर...,


Thursday, 7 September 2017

जवाब कम आज सवाल ज़्यादा हैं

क्यूँ जवाब कम आज
मन में सवाल ज़्यादा हैं.!

पाने की चाहत से निकला था घर से,
''बता जिंदगी'' आज क्या खोने का इरादा है..!
-- -- धीर...,




Life Passes Through Challenges

Although the journey
May have passed with jokes,
The moment of real life
Passes through challenges.
-- Dhirendra S. Bisht | DHiR

Tuesday, 5 September 2017

Consideration of Success

Success considers him worthy,
Those who consider themselves worth it ..!
--------------------------------------------------------
-- DHIRENDRA S. BISHT | DHiR



Monday, 4 September 2017

एक सबक

सीखने की चाह गर मन में हो,
तो जिंदगी में हर इंसान हमें सिखाता है..!

खूबियां, खामियों के बाद ही आती हैं,
फिर भी जिंदगी जीने के लिए सबक ही काफी होता है..!
-- धीर..,


Friday, 1 September 2017

Opportunities and challenges

Instead of fearing with challenges
Let accept the life challenges
and focus on opportunities.
Opportunities and challenges
together make life perfect.
-- Dhirendra S. Bisht | DHiR





Tuesday, 29 August 2017

जीने मायने मिल गए

कभी रास्ते तो
कभी राही बदल गए..!

छोटे से दौर में आज
जीने के कई मायनों मिल गए..!

ये वक्त ही तो है,
जो मेरा होकर भी मुझसे दूर होता है..!

चलो मोहब्बत में ही सही,
अपना ही अपनों से रूठने की बात कहता है..!

चाहत आज भी वही है,
मगर तन्हाई भरे दौर ने दिलों के जज्बात बदल दिये..!
-- Dhirendra S. Bisht | DHiR






Monday, 28 August 2017

Difference between the fool and the wise

There is only one difference between
the fool and the wise.
Fools display deficiencies
without understanding the point,
And sensible people use their intelligence properly without speaking. !!
-- Dhirendra S. Bisht | DHiR


Friday, 25 August 2017

कोरा कागज़- जिंदगी का

कुछ कोरे हैं
अभी कागज़ जिंदगी के..!

कुछ में लिख डाली है
जिंदगी ने शायरी..!

कुछ कोरे हैं,
अभी कागज़ मन के ..!

कुछ में लिख डाली है.!
मोहब्बत ने शायरी

कुछ लम्हें बीते हैं,
तुम बिन मेरे..!

कुछ में लिख डाली है
तन्हाइयों ने शायरी..!
-- धीर...,





Wednesday, 23 August 2017

दस्तूर जिंदगी का

तजुर्बे बदले मैंने,
तो संग जिंदगी के हालात बदल गए..!

जिन्हें नाज़ समझते रहे उम्र भर,
वही आज जिंदगी का डर बन गए..!

जो सपना आँखों में दस्तक देता रहा,
क्यों कुछ लम्हों में वो सिमट गया..!

हार कर ही सही,
मगर, मैं जिंदगी को खूब जिया..!

ना किस्मत से,
शिकायत थी ना ही कभी वक्त से..!

मैं तो ग़म और ख़ुशियों को,
जिंदगी का दस्तूर समझता रहा..!

क्या सोच कर कीमत वसूली ज़माने ने,
मैं तो लोगों को अपना मान कर मोहब्बत अदा करता रहा..!
-- धीर..,



I am stronger

I am stronger than others,
before knowing others weakness,
I recognize my strength.
-- DHIRENDRA S. BISHT | DHiR



Stage of Journey is still remains in life

Life have given to me great experience.
Instead of experience
The stage of journey is still remains in life.
-- DHiR..,

Tuesday, 22 August 2017

"आशिक" नाम था अपना

इन "फासलों" का भी
क्या कहना।
जिस शहर ने आशिक नाम रखा था अपना,
कुछ फ़ासलों ने आज
उसी शहर में तन्हा बना दिया..!
-- धीर..,



Monday, 21 August 2017

मोड़

कुछ लम्हें बदले
तो कुछ हम बदले गए।

कुछ ख्वाब टूटे
तो कुछ हम टूट गए।

उम्मीद वही थी जिंदगी से,
फिर भी हम खुद से रूठ गए।

चले थे जिस रास्तों से
मंजिल की ओर ।

उन रास्तों के मोड़ ने
आज जीने मायने बदल दिए।
-- धीर...,



भीड़ में चेहरे बहुत हैं

जो सच है जिंदगी में,
उन बातों से क्या भागना.!

भीड़ में चेहरे बहुत हैं आज,
हर एक से खुद को क्यों आंकना.!
-- धीर ..,



Thursday, 17 August 2017

फुर्सत से लिखा उनको

बहुत फुर्सत से लिखा उनको,
फिर भी ना पढ़ पाए मुझ को..!
-- धीर..,


Intelligence

A tree and its branches
grow up over time,
But due to the burden of branches
Instead of leaving them,
The tree tries to strengthen his roots.
That's instead of weakening people in difficult times
His wisdom should solve those problems.
-- DHiR...,


Monday, 14 August 2017

इबादत में कमियां

इबादत में जब भी उनकी
कुछ कमियां हम से होने लगी..!
उनको नफ़रतों से मोहब्बत ज्यादा,
मेरे इश्क़ से कम होने लगी..!
- - धीर...,


वक्त दवा है

वक्त से बड़ी कोई दवा नहीं,
हर घाव भर जाता है,
ज़ख़्मों को निहारते निहारते.!
- - धीर..,


Sunday, 13 August 2017

जख्मों की दवा

जख्मों की दवा ढूंढने निकले थे,
आज जिंदगी ही दर्द बन गई।

गमों को ज़िन्दगी मान चुके थे,
मगर जिंदगी ही आज हम से रूठ गई।
-- धीर..,

Saturday, 12 August 2017

एहसास

ये एहसास ही कुछ ऐसे हैं ,
जब-जब दिल भर आता है
खुद बख़ुद आँखों से उभर आते हैं.!
-- धीर..,


Friday, 11 August 2017

तन्हाई

कितनी खूब है ये तन्हाई,
जब-जब साथ होती है,
मुझ में खो कर खुद को बयां करती है.!
-- धीर..,


जिंदगी को जीना सीख गये

थोड़ी ख़ुशियाँ उधार मांगी थी,
बदले में हज़ार ग़म मिल गये.!

जीतना तो सीख गये थे जिंदगी को,
सही मायनों में हार कर, आज जिंदगी को जीना सीख गये.!
-- धीर...,


Tuesday, 8 August 2017

सवाल-जवाब

क्या शिकायत मेरे चेहरे पर है,
या सवाल ज़्यादा हैं लोगों की ज़ुबान पर.!
-- धीर..,


Monday, 7 August 2017

सुनसान डगर

ना दिन का पता
ना रातों की खबर.!

ना संगी है न साथी,
सुनसान सी है ये जिंदगी की डगर.!

रात का पहर अक्सर दिन के कारवें की बात करता है,
तन्हाई में मन बात बात पर खुद से उलझता है.!

आँखों में नींद कम,
आज ख़्वाब ज़्यादा हैं.!

खूब खोया है खुद को मुश्किलों में,
आज सिर्फ़ जिंदगी से पाने का इरादा है.!
-- धीर ..,



रस्म रिवाज

जब रिश्ते दिल से ना जुड़े हो,
फिर रस्म रिवाज़ों का क्या फ़ायदा.!
-- धीर..,


Sunday, 6 August 2017

Things are like faces

Things are like faces today,
And their meanings like people.
The topic is only one in life,
When people's direction depends on their own thinking!
-- DHiR..,


Friday, 4 August 2017

खामोशी

खामोश है समा आज,
फिर भी शहर में शोर है.!
कोई बयान कर के खामोश,
तो कही खामोशी बोल रही है.!

ज़ुबान चुप है,
फिर भी दिलों में शोर है.!
कही दिलों में नफ़रत घुल रही है,
कहीं दिलों में मोहब्बत का ज़ोर है.!
-- धीर..,



Wednesday, 2 August 2017

उम्मीद

जब जब टूटता हूँ,
अक्सर मन में नई उम्मीद जोड़ता हूँ।
-- धीर..,


खूबियाँ-कमियाँ

ख़ूबियाँ भले ही हो मुझ में,
असल कला तो लोगों में है,
कमियाँ तराशने की।
-- धीर..,


Tuesday, 1 August 2017

तन्हाई

ये तन्हाई भी कितना तोड़ती है,
रुख मोहब्बत का हो,
फिर भी दिलों को नफरत से जोड़ती है।
-- धीर..,


Monday, 31 July 2017

मुश्किल समय

जिंदगी में आसान चीजों की कीमत,
मुश्किल समय में ही समझ आती है.!
-- धीर..,


Saturday, 29 July 2017

तन्हाई

अक्सर जोड़ता हूँ एहसासों को,
जब भी तन्हाई मुझे तोड़ती है.!
-- धीर..,


दिल की "फरियाद"

हर बात पर मुझसे बेबात करता है,
ज़ख्म हज़ार हैं दिल में,
ये दिल
अब भी मुझसे इश्क़ की "फरियाद" करता है.!
-- धीर..,



Friday, 28 July 2017

बीज- ग़लतफहमी का

जो बीज तुमने बोया है ग़लतफहमी का मन में,
वो कल पेड़ बन जाएगा.!

आज बातें एहसास तले है,
कल को यही किस्सा बन जाएगा.!

सिंच लो अपनी ही बातों से मन,
शायद आज आपका दिल मान जाएगा.!

कर भी लो लाख कोशिश कल,
ये आलम फिर नही आएगा.!

जो बीज तुमने बोया है ग़लतफहमी का मन में,
वो कल पेड़ बन जाएगा.!
-- धीर..,


नया इश्क़

इश्क़ नया है,इबादत वही है..!
महकने लगे हैं
आज तेरी मोहब्बत में,
के अब ये दुनियाँ और नई लगने लगी है.!
-- धीर...,


Thursday, 27 July 2017

तन्हाई

कितनी चुप है ये तन्हाई.!
ना मुझ में मैं हूँ और ना मेरी परछाईं.!
 -- धीर..,