Check out my book on YourQuote. Recently published with YourQuote. click the link: https://www.yourquote.in/dhirendra-bisht-de4h/books/kuch-is-trh-jindgii-ck9

Monday, 1 May 2017

भीड़ में तन्हा


भीड़ में जब भी तन्हा होता हूँ,
सही मायने में तभी अपना होता हूँ!
-- धीर..,

Sunday, 30 April 2017

उनकी मोहब्बत में


उनकी मोहब्बत में इतना बदल गये,
क्या हम थे आज खुद ही भूल गये!
-- धीर..,

अधूरे ख्वाब

कुछ ख़्वाब आज पूरे हुए,
कुछ और अधूरे बाकी हैं!

जीने लगा हूँ जिंदगी को मैं,
पर जीत जिंदगी में अभी बाकी है!

कुछ ख्वाहिशें आज जगी हैं मन में,
कुछ ख्वाहिशों के शहर में जगाना बाकी हैं!

सफर तय किए हैं कई इस मुसाफिर ने,
पर अभी मुकाम जिंदगी में बाकी है!

इम्तिहान भले ही अधूरे हो जिंदगी में,
पर मुझ में हौसले अभी बाकी हैं!

कुछ ख़्वाब आज पूरे हुए,
कुछ और अधूरे बाकी हैं!
-- धीरेन्द्र (धीर)..,


Saturday, 29 April 2017

कामयाबी

दूसरों की कामयाबी में अक्सर उन लोगों को शक होता है,
जिन्हें खुद पर भरोसा नही होता है।
-- धीर .., 

Friday, 28 April 2017

गुस्ताख़ी


इंसान तो बंट गये सरहदों में,
काश ये दिल भी बँट जाता!

ना गुस्ताख़ होती दिलों में
और ना ही दिल गुस्ताख़ी कर पाता!
-- धीर (धीरेन्द्र)

खुश हूँ आज,


खुश हूँ आज,
फिर भी रोना चाहता हूँ!

जीत लूँ दिल दुनिया का,
फिर भी खुद ही से हार जाता हूँ!

भूलना चाहूँ बीते लम्हों को,
दर्द फिर से उनको जिंदगी में दोहराता है!

मुश्किल भले आसान कर लूँ,
सबक जिंदगी में अक्सर जीना सिखाता है!

कल रहूँ ना रहूँ,
बस आज को आज में जीना चाहता हूँ!

खुश हूँ आज,
फिर भी रोना चाहता हूँ!
 -- धीर (धीरेन्द्र)






मुकाम

अब तक बिखरा था,
अब निखरना बाकी है!

ले भले लाख इम्तिहान ऐ जिंदगी,
अभी खुद को और संवरना बाकी है!

खामियां बहुत निकल चुकी मुझे में,
अब सिर्फ़ ख़ूबियाँ बाकी हैं!

खूब काट ली रात चाँद तारों संग मैंने,
अभी दिन के उजालों से रोशन होना बाकी है!

उम्मीद जो जुड़ी है जिंदगी से अब तक,
अब सिर्फ़ वो मुकाम मिलना बाकी है!

अब तक बिखरा था,
अब निखरना बाकी है!
-- धीर (धीरेन्द्र)



Thursday, 27 April 2017

दिल करता है

थक गया चल चल कर रोज़,
आज एक कदम रुकने को जी करता है!

रुक गया, कदम एक बिना सफर तय करे ,
निराशा मन को घेरने लगती है!

ऊब गया रोज़ एक सी जिंदगी जी कर,
आज कुछ अलग करने को दिल करता है!

सोच सोच कर, अक्सर मुकर गया मन,
अब कारवाँ करने को जी करता है!

जी गया मुश्किलों को अब तक,
अब आसान जिंदगी जीने का दिल करता है!

थक गया चल चल कर रोज़,
आज एक कदम रुकने को जी करता है!
-- धीरेन्द्र (धीर)...,






Wednesday, 26 April 2017

तन्हाई

कितनी खूब है ये तन्हाई,
हर आहट पर मेरी खामोशी बयान करती है!
-- धीर (धीरेन्द्र)..,

Monday, 24 April 2017

परख


परख सोच में नहीं इरादों मे रख मुसाफिर,
अक्सर कोशिशें तभी नाकाम होती हैं
जब मंज़िल सिर्फ सोच तक सीमित होती हैं।
-- धीर (धीरेन्द्र)..,

Sunday, 23 April 2017

वक्त

वक्त कभी गलत नहीं होता,
बस उसे समझने की नीति
कभी कभी ग़लत हो जाती है।
-- धीर (धीरेन्द्र)

Saturday, 22 April 2017

मोहब्बत का सिलसिला

अजीब सिलसिला है ये मोहब्बत का,
किसी के रूठने का जवाब नही, तो किसी के मनाने का हिसाब नही!
-- धीर (धीरेन्द्र)

Friday, 21 April 2017

कमियाँ

कमियाँ मुझ मैं हैं,
फिर भी अपनी कमियाँ छोड़ जाते हैं,
मुझ में कमियाँ निकाल कर लोग!
-- धीर (धीरेन्द्र)

Wednesday, 19 April 2017

कोशिश एक पल खुद को हँसाने की

वजह मिलती कहाँ आज के बख़्त में मुस्कुराने की,
दिन भले ही मुश्किलों से भरा हो,
अक्सर कोशिश करता हूँ,
एक पल खुद को हँसाने की!!
-- धीर 

Tuesday, 18 April 2017

"मुश्किलें हमें बदल देती हैं"

हमारी उपलब्धियां हमें कम,
राह की मुश्किलें हमें ज्यादा बदल देती हैं!

-- धीर..,

"जी लूं हर दिन को नये सिरे से मैं"

जी लूं  हर दिन को नये सिरे से मैं,
अभी रात जिंदगी मे बाकि हैं!

कुछ हिसाब माँग लिए आज जिंदगी से,
कुछ और करने अभी बाकि हैं!

जिये हज़ार गम जिंदगी मे,
बस अब खुशियाँ ही बाकि हैं!

भीग लिए नफरत की बारिश मे,
छाँव प्यार की अभी बाकि है!

लिख लिए सफ़र के गीत,
अब ख़ुशियों मे गुनगुनाने बाकि है!

जी लूँ हर दिन को नये सिरे से मैं,
अभी जिंदगी मे रात बाकि हैं!
-- Dhirendra S. Bisht (Dhir)





Saturday, 15 April 2017

"छोटे-छोटे सपने"

जिंदगी में सपने भले ही छोटे-छोटे देखे,
अक्सर हर सपने के लिए बड़ी कोशिश की है मैने!
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Thursday, 13 April 2017

हसरतें आज मन में

हसरतें कई हैं आज मन में,
पर तुमसे बढ़कर कोई नही!

जी लूँ जिंदगी निहार के तुम को,
तेरे ख़्वाब से बढ़कर कोई नही!

सवार लूँ खुद को आज तुमसे,
तेरे एहसास से बढ़कर कोई नही!

जो पल बीत गये संग तेरे,
इन लम्हों मे वो बात नही!

हसरतें कई हैं आज मन में,
पर तुमसे बढ़कर कोई नही!
-- धीरेन्द्र (धीर) ..,




Wednesday, 12 April 2017

बेपनाह इश्क़

क्यों ना करूँ बेपनाह इश्क़ उनसे,
मैं मोहब्बत उन से करती हूँ
और वो मेरी मोहब्बत से इश्क़ करते हैं!
-- धीरेन्द्र (धीर) ..,


Sunday, 9 April 2017

जीना हर कोई नहीं सिखाता

जीता हर कोई है,
पर जीना हर कोई नहीं सिखाता..!
-- धीरेन्द्र "धीर"
 

खूबियाँ

गर कमियां अपनी ही दूर कर ली जाय,
लोगों में खामियाँ कम खूबियाँ ज्यादा नजर आने लगती हैं.!
-- "धीर"

Friday, 7 April 2017

एहसास गिर कर संभलने का

एहसास है मुझे गिर कर संभलने का,
अगर कोई छोड़ भी दे परवाह मेरी,
पर मुश्किलों से जंग, जीत तक बरकरार रहेगी मेरी|
-- -- धीरेन्द्र (धीर)..,


वक्त बदलता है मेरे नये अनुभव के साथ

कितना अजीब है ये वक्त,
खुद बदलता है मेरे नये अनुभव के साथ..!
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Thursday, 6 April 2017

सोच

सोच हर इंसान की सही है,
अगर उसे समझने वाला सही हो.!
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Tuesday, 4 April 2017

बातें

कभी कभी बातों से इंसान नहीं,
बातें इंसान की ज़िंदगी बदल देती है..!
-- -- धीरेन्द्र (धीर)..,


एहसास

एहसास दिलों में कम आज,
लोग इसे शब्दों मे ज्यादा पिरोना जानते हैं..!
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Monday, 3 April 2017

दुआ

ऐ जिंदगी ना कोई और दुआ तुझ से,
बना काबिल इस कदर मुझे,
सिर्फ़ कोशिशों से जी लूँ तुझे|
-- -- धीरेन्द्र (धीर)..,

Sunday, 2 April 2017

ज़िंदगी की बागडोर

ज़िंदगी की बागडोर जब से संभाली है,
तब से आज तक लोगों की कसर का जवाब नही|

कोई हौसले बढ़ाने तो कोई गिरने मे,
आज के जमाने का कोई हिसाब नही है|

असर हम पर भी इन बातों का कभी हुआ नहीं,
क्योंकि सपनों ने पहले से अपना जो बनना रखा है|

कौन नही मानता है?
लोग अनुभवी नही हैं आज समय मे |

बस ये तर्क और कुतर्क
कभी-कभार समझने वालों से उनकी समझ का इम्तिहान ले लेते  हैं|

कोशिश तो खूब की आज के जमाने मे,
अक्सर भागीदारी उनकी रही है जिंदगी मे,
बिना परख जाने हम मे कमियाँ दिखाने की|

शिकायत हुई नहीं थी कल तलक किसी को जमाने मे,
फिर क्यूँ हुई "धीर" के आज को बेहतर बनाने मे|
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Tuesday, 28 March 2017

कदर

कदर किसी चीज़ की असल मे वही जान सकता हैं,
जिसने जिंदगी मे पाया कम और खोया ज़्यादा हो|
-- -- धीरेन्द्र (धीर)..,

जिंदगी को करीब से जाना है मैने

तरीके भले ही अलग हैं जिंदगी जीने के मेरे,
पर अक्सर इसे करीब से जाना है मैने..!
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Monday, 27 March 2017

"ख्वाबों के शहर मे"

एक ख्वाहिश उस रोज,
ख्वाबों के शहर मे|

ओस की बूँद की भांति
जा गिरी मन से ख्यालों के समंदर मे|

देख अचम्भा धीर,
कुछ पल के लिए|

मानो थम गया था वो दिन,
बस कुछ पल के लिए|

उस कल्पनाओं में था कुछ ऐसा,
मानो आशाओं के सावन में, उमंगों के बाहर जैसा|
-- धीरेन्द्र (धीर)..,


Sunday, 26 March 2017

सोच

सोच से बड़ा कोई नही है,
सोच होते हुए भी लोग नीचे गिर जाते हैं |
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Saturday, 25 March 2017

जिंदगी के सबक

मैं अक्सर गलत होता हूँ,
पर जिंदगी के सबक मुझे मौके पर सही बना देते हैं|
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Friday, 24 March 2017

कोशिशों का कारवाँ

कोशिशों का कारवाँ कुछ इस तरह "ज़िंदगी" मे,
मैं थक कर सोना चाहता हूँ, सपने फिर से जगा देते हैं|
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Thursday, 23 March 2017

नया कल

वक्त से कदम मिलाकर,
जिंदगी से सीख रहा हूँ|
ख्वाहिशों के शहर मे आज,
नये कल को खोज रहा हूँ|

बिखर रहा हर रोज अब,
नये कल को निखारने में|
जाने क्यूँ बीत रहा ये पल एसे,
मानो सदियों लग रही हों इसे बिताने में|
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Wednesday, 22 March 2017

चाहत

ज्यादा चाहत भी
इंसान को खुद का दुश्मन बना देती है।
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Monday, 20 March 2017

एहसास

मुश्किल है ये एहसास को समझ पाना,
लोगों ने कम, अक्सर मेरे दर्द ने मुझे जाना|
-- धीरेन्द्र (धीर)...,

"सबक ले मुश्किलों से"

सबक ले मुश्किलों से मुसाफिर,
आगाज मंजिल कठिन हो,
पर अंजाम ऐ जिंदगी खुशियों भरा होगा|
-- धीरेन्द्र (धीर)..,

Sunday, 5 March 2017

विश्वास की कहानी

विश्वास की कहानियाँ अक्सर सुनता आया हूँ,
पर किरदार आज तक नही देखा!
-- धीरेन्द्र (धीर)...,


उसूल दुनिया का

उसूल है दुनिया का,
जिस किसी को भी करीब से जानने लगोगे तुम,
कम्बखत वही तुम्हारी समझ का लाख इम्तहान लेगा..!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

नफरतों का गुब्बार

चाहे भर ले नफरतों का गुब्बार
"ए मनचले आशिक",
पर हम आशियाना मोहब्बत का दिल में बना बैठे हैं..!
-- "धीरेन्द्र" (धीर) _____,

प्यार से डर

''अब प्यार से भी डर लगने लगा हूँ,
दुश्मन मोहब्बत के ज्यादा और
नफरत करने वालों के अकसर कम होते हैं।''
-- "धीरेन्द्र'' (धीर)

आसुँओं कीमत

आँखों से भला कोई और
कैसे आसुँओं कीमत जान सकता है।
गम के हों या ख़ुशी पर,
आंसू भी अपना हक़ अदा कर जाता है।
--" धीर''

ख्याल

ज्यादा ख्याल भी
इंसान को एक दिन उसी का दुश्मन बना देता है..!!
-- "धीर"

मनचले आशिक

इतने रंग भी ना बदल ए मनचले आशिक,
कही इन रंगों में,
मैं तेरा असल रंग ही ना भूल जाऊं..!! 
-- "धीर"

तलाश ज्यादा है

ख्वाब कम अब तलाश ज्यादा है,
जिंदगी से कम पर कोशिशों से उम्मीदें और ज्यादा है..!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

समझ

समय है तो कभी खुद को समझ कर देखो,
दूसरों को समझना तो बहुत आसान है..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

लोग अल्फाज के आदि हैं

मैं तो बस एहसास लिखता हूँ,
और लोग तो अल्फाज के आदि हैं..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

असल जीने के मायने

जब दौड़ती है दरबदर जिंदगी,
तभी याद आते हैं असल जीने के मायने..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

जिंदगी को जीना सीखा

मैंने खुद को बदला नहीं,
अक्सर जिंदगी को जीना सीखा.!! 
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

आसान नहीं है लिखना

इतना आसान भी नहीं है लिखना,
खुद को पहले कलम की स्याही में मिलाना पड़ता है..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

Wednesday, 21 December 2016

जीत का रास्ता

सोच को किसी का हमसफ़र नहीं,
मुसाफिर अपनी जीत का रास्ता बना 
दुनिया अक्सर तभी साथ होती है
जब उन्हें हमारे वक्त की जरुरत होती 
-- (धीर)


ख्याल इंसान का दुश्मन

ज्यादा ख्याल भी इंसान को एक दिन उसी का दुश्मन बना देता है..!
 -- "धीर"

थम जाती हैं मुश्किलें

थम जाती हैं अक्सर मुश्किलें उन्हें देख कर,
जो अपना सफ़र ख़ुद तय करना जानते हैं..!
- "धीरेन्द्र" (धीर)......,

बराबरी

किसी बराबरी उसकी सोच से नहीं,
छमता से करें..! -- "धीर"

सुन्दरता

सुन्दरता चेहरों में कम,
विचारों में ज्यादा सही लगती है..!!!
-- "धीर"

मुश्किलों में जीना बाकि है।

अब तक बिखरा था, अब और निखरना बाकी है।
इतने भी एहसान न कर ''ऐ जिन्दगी'',
अभी और मुश्किलों में जीना बाकि है।
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)

वक्त पर साथ निभाते है।

बस उन्ही से डरता हूँ, जो अपनापन जताते है।
वैसे भीड़ में देखता उन्हें भी हूँ, जो वक्त पर बिन कहे साथ निभाते है।
-- धीर

जीने के मायने

जब दौड़ती है दरबदर जिंदगी,
तभी याद आते हैं जीने के मायने..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

जिंदगी को जीना सीखा

मैंने खुद को बदला नहीं,
अक्सर जिंदगी को जीना सीखा है.!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

लोग तो अल्फाज

मैं तो बस एहसास लिखता हूँ,
और लोग तो अल्फाज के आदि हैं..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

कोशिशों से उम्मीदें

 ख्वाब कम अब तलाश ज्यादा है,
जिंदगी से कम पर कोशिशों से उम्मीदें और ज्यादा है..!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

दुनिया का उसूल

उसूल है दुनिया का,
जिस किसी को भी करीब से जानने लगोगे तुम,
कम्बखत वही तुम्हारी समझ का लाख इम्तहान लेगा..!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)__,

दिलों की राजनीति

कभी राजनीति दलों के बीच हुआ करती थी,
पर आज दिलों के बीच आ गई..!
-- "धीर"

Monday, 12 December 2016

आसुँओं कीमत

आँखों से भला कोई और
कैसे आसुँओं की कीमत जान सकता है।

गम के हों या ख़ुशी पर,
आंसू भी अपना हक़ अदा कर जाता है।
--" धीर''

ख्याल

ज्यादा ख्याल भी
इंसान को एक दिन उसी का दुश्मन बना देता है..!!
-- "धीर"

ए मनचले आशिक़

इतने रंग भी ना बदल ए मनचले आशिक,
कही इन रंगों में,
मैं तेरा असल रंग ही ना भूल जाऊं..!!
-- "धीर"

Tuesday, 6 December 2016

लिखना

इतना आसान भी नहीं है लिखना,
खुद को पहले कलम की स्याही में मिलाना पड़ता है..!!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

Friday, 2 December 2016

ऐ जिन्दगी

अब तक बिखरा था,
अब और निखरना बाकी है।
इतने भी एहसान न कर ''ऐ जिन्दगी'',
अभी और मुश्किलों में जीना बाकि है।
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)

जरुरत

दुनिया तभी साथ होती है,
जब उसे आपके साथ की जरुरत होती है ..!
- "धीर"

अपना सफ़र

थम जाती हैं अक्सर मुश्किलें
उन्हें देख कर,
जो अपना सफ़र ख़ुद तय करना जानते हैं..!
- "धीरेन्द्र" (धीर)......,

जिन्दगी का इतिहास

अपनी जिंदगी का इतिहास वही लोग लिखते हैं,
जो लोग अपनी सोच को, इरादों से बड़ी रखते हैं...!
-- "धीरेन्द्र" (धीर)

बराबरी

किसी बराबरी उसकी सोच से नहीं,
छमता से करें..!
-- "धीर"

सुंदरता

सुन्दरता चेहरों में कम,
विचारों में ज्यादा सही लगती है..!!!
-- "धीर"

Wednesday, 9 November 2016

चाहत

दुनिया भले ही ख्यालों में हो, पर मैं अपनी हकीकत से रूबरू हूँ।
ये पल मुश्किलों का ही सही, पर मैं अपनी चाहत के बहुत करीब हूँ।
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)

Monday, 31 October 2016

Intermittently heights

A wish from my life, I want to touch to the ground intermittently heights..!
-- Dhirendra (Dhir)

Tuesday, 25 October 2016

बीते लम्हों

खुश तो नहीं मैं, बस कोशिश कर लेता हूँ हँसाने की,
भुला नहीं आज भी बीते लम्हों को,
बस थोड़ा व्यस्त हूँ कल को बनाने में
- "धीरेन्द्र" (धीर)

Sunday, 9 October 2016

हौसले

"जिंदगी में मुश्किलें बड़ी नहीं होती,
बल्कि उन से बड़ी उनको आसन करने वालों के हौसले होते है"
-- "धीरेन्द्र'' (धीर)

तलाश

जिंदगी को किसी सुनहरे मौके की तलाश नहीं होती,
बल्कि सुनहरे मौंको को एक अच्छी कोशिश करने वाले की तलाश हमेशा होती है।
-- ''धीर''

Wednesday, 5 October 2016

अफ़साना

जो मन कह रहा, अब वही सुन रहा हूँ।
बेसुध हूँ इस कदर,
जैसे मैं जिन्दगी का कोई अफ़साना लिख रहा हूँ।
-- ''धीर"

Wednesday, 28 September 2016

Monday, 26 September 2016

Wednesday, 7 September 2016

''Thinking and intentions''

Make a difficult job easier in life, then keep thinking always great intentions.
-- Dhirendra S. Bisht ( Dhir)

Monday, 29 August 2016

Understanding

''Explain to the person that can get an understanding of good and bad.''
-- Dhir

Tuesday, 23 August 2016

धुन

याद आई आज धुन पुरानी,
जो हुआ करती थी, कभी दिल की दीवानी।
मन मचल बैठा था उस धुन पर,
अब खुली आँखों में अतीत ने दी दस्तक सुहानी।

अब यादों का मौसम भी छाने लगा,
वो शख़्स भी यादों में आने लगा।
मैं ख़्वाहिशों के सुर को संजोने लगी थी,
दिल उनकी और मैं दिल की सुनने लगी थी।

वक़्त यही और दौर वही,
इनमें इतना ही फ़र्क़ सही।
वो सिलसिला वादों का,
और ये उनकी यादों का।

मैं कभी उस वक़्त में,
तो कभी उनकी यादों में खोती।
वो दूर हैं मुझसे, और मैं अक्सर
उनकी यादों के क़रीब होती।
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)

Wednesday, 10 August 2016

"Memories"

"None of memories can play better friendship"
--- Dhirendra S. Bisht

Tuesday, 9 August 2016

Time difference in life

Good times we tell our specialty, but often bad times, we feel as much of our atmosphere.
-- Dhirendra S. Bisht (Dhir)

Wednesday, 22 June 2016

''साथ जिंदगी भर का"

''किसी का साथ जिंदगी भर का हो ना हो,
पर यादें अकसर जिंदगी भर का साथ निभाती हैं।"
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)

Monday, 20 June 2016

सच

सच जितना ही आसान है, उसे स्वीकारना उससे भी मुश्किल है।
--''धीरेन्द्र'' (धीर)

Saturday, 11 June 2016

"मुश्किलों का साथ''

कोई साथ हो ना हो, पर मुश्किलें साथ हैं।
"साथ लोगों को अक्सर कमजोर बनाता है,
पर मुश्किलें हर कदम पर हौसला बढ़ाती है।''
-- ''धीरेन्द्र'' (धीर)

Sunday, 5 June 2016

आशा और निराशा

आशाओं का कोई अंत नहीं होता,
पर निराशा हर आशा का अन्त कर देती है।
--''धीरेन्द्र'' (धीर)