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Tuesday, 23 May 2017

नाम मोहब्बत में

कोई अब बदनाम कर लो हमें,
मोहब्बत में हमने बहुत नाम कमा लिया!

अब तो आकर थाम लो हमें,
तोड़ कर खुद को, तुझ से जोड़ लिया!

करीब से आकर अब जान लो हमें,
बरसों से दिलों ने दूरी को जिंदगी का दस्तूर ही मान लिया!

इस तन्हा को हमसफ़र बना के देख लो,
मुझे तो जिंदगी ने तन्हा मुसाफिर ही जान लिया!

कोई अब बदनाम कर लो हमें,
मोहब्बत में हमने बहुत नाम कमा लिया!
-- धीर (धीरेन्द्र)..,


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