आज दीवार दिल की रंग दूँ ,
मन रंगों से खिल रहा है।
आज दूरियाँ दिल से मिटा दूँ,
मन मीलों तय कर रहा है।
आज हर ख्वाब को अपना बना लूँ,
मन दिल में हसीन पल संजो रहा है।
आज दिल को शायर बना लूँ,
मन खुद को गजल सा गुनगुना रहा है।
आज ख्वाहिशों से दिल सजा लूँ,
मन खुशी से झूम रहा है।
आज दीवार दिल की रंग दूँ ,
मन रंगों खिल रहा है।
-- धीर (धीरेन्द्र)..,
मन रंगों से खिल रहा है।
आज दूरियाँ दिल से मिटा दूँ,
मन मीलों तय कर रहा है।
आज हर ख्वाब को अपना बना लूँ,
मन दिल में हसीन पल संजो रहा है।
आज दिल को शायर बना लूँ,
मन खुद को गजल सा गुनगुना रहा है।
आज ख्वाहिशों से दिल सजा लूँ,
मन खुशी से झूम रहा है।
आज दीवार दिल की रंग दूँ ,
मन रंगों खिल रहा है।
-- धीर (धीरेन्द्र)..,

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