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Sunday, 7 May 2017

जिंदगी

दिल से समझ ले गर कोई दर्द किसी का,
घाव भी दर्द भूलकर जिंदगी जीने लगता है!

एक पल ग़म को भूल कर जी ले कोई,
जिंदगी का हर लम्हा हसीन लगने लगता है!

मुश्किलों से गर सबक ले कोई,
हार का अनुभव भी जीत से बढ़ कर लगने लगता है!

ख्वाहिशों को गर दिल में पनाह दे कोई,
तो मन भी दिल के साथ उसी की बात सुनने लगता है!

कोशिश तो करके देखो जिंदगी में,
मुसाफिर भी एक दिन मंज़िल की राह खुद से बनने लगता है!

आज में ज़रा कल को भी जी कर देखो,
जिंदगी का हर पल और भी हंसमुख सा लगने लगता है!

दिल से समझ ले गर कोई दर्द किसी का,
घाव भी दर्द भूलकर जिंदगी जीने लगता है!
-- धीर (धीरेन्द्र).., 

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