ख़्वाहिश और एहसास जिंदगी के दो अहम हिस्से हैं!
जब ख्वाहिशों की लहर मन मे उमड़ ने लगती है,
तब जिंदगी की हर मुश्किल
और भी आसान सी लगने लगती है!
जब लहरें उमड़ के ज़िंदगी के करीब आती हैं,
तब जिंदगी मे एहसास का सिलसिला शुरू होता है!
कभी कुछ खो कर कुछ पाने का,
तो कभी सब कुछ पाकर कुछ खो जाने का एहसास!
ख़्वाहिश ज़रूरी है जिंदगी मे,
ये इंसान को खुद से जीने का एहसास कराती है!
-- धीर (धीरेन्द्र)..,
जब ख्वाहिशों की लहर मन मे उमड़ ने लगती है,
तब जिंदगी की हर मुश्किल
और भी आसान सी लगने लगती है!
जब लहरें उमड़ के ज़िंदगी के करीब आती हैं,
तब जिंदगी मे एहसास का सिलसिला शुरू होता है!
कभी कुछ खो कर कुछ पाने का,
तो कभी सब कुछ पाकर कुछ खो जाने का एहसास!
ख़्वाहिश ज़रूरी है जिंदगी मे,
ये इंसान को खुद से जीने का एहसास कराती है!
-- धीर (धीरेन्द्र)..,
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