चुनौतियां कैसी भी हो,
उनको दस्तूर जिंदगी का समझ के स्वीकार लें!
नकारने वाले लोगों को,
समाज ज्यादा समय तक नहीं स्वीकारता!
जब तक आप में क्षमता है,
कोशिश तब तक करें!
कोशिश को देखकर
क्षमता अपने आप बढ़ने लगती है!
अनुभव एक मुसाफिर की तरह है,
जो जिंदगी भर हमारे साथ चलता है!
अगर मुश्किलों से हार भी गये आप,
पर खुद से कभी नही हारना!
खुद को जीतने वाला ही,
एक दिन दुनिया को जीतता है!
© धीर (धीरेन्द्र)..,
उनको दस्तूर जिंदगी का समझ के स्वीकार लें!
समाज ज्यादा समय तक नहीं स्वीकारता!
जब तक आप में क्षमता है,
कोशिश तब तक करें!
कोशिश को देखकर
क्षमता अपने आप बढ़ने लगती है!
सिर्फ़ जीत को लक्ष्य रखना ही जिंदगी नही है!
हार को स्वीकारना भी एक गुण है!
हार इतना सिखाती है जिंदगी में,
उतना जीत की चाह रखने वाले नही सीख पाते हैं!
जो जिंदगी भर हमारे साथ चलता है!
अगर मुश्किलों से हार भी गये आप,
पर खुद से कभी नही हारना!
एक दिन दुनिया को जीतता है!
© धीर (धीरेन्द्र)..,

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