Check out my book on YourQuote. Recently published with YourQuote. click the link: https://www.yourquote.in/dhirendra-bisht-de4h/books/kuch-is-trh-jindgii-ck9

Tuesday, 17 November 2015

"उठो देश के नौजवानों"

उठो देश के नौजवानों।
स्वयं की सामर्थ्य को पहचानो।
अपने तेज को बहार लाओ।
देश की दशा में सुधार लाओ।
भारत माँ को हमारी जरुरत है।

उठो देश के नौजवानों।
अपने लक्ष्य को पहचानों।
जो देश,
हमारी सीमा में झांक रहा।
जो घुसपैठ,
हमारी सरहद को ताक रहा।
सर कलम करें,
उन घुसपैठियों का।
आओ सबक सिखायें।
उनकी इस नापाक हरकत का।

उठो देश के नौजवानों।
अपनी स्मरण शक्ति को पहचानों।
कही जातिवाद देश को डस रही है।
तो कही आरक्षण देश में आग उगल रही है।
व्यर्थ विवादों से दूर रहो।
देश की आन्तरिक शक्ति को मजबूत करो।

उठो देश के नौजवानों।
आपस में भाईचारे को पहचानों।
आओ एकता का धागा पिरोयें,
राष्ट्र् को एक बँधन में संजोये।
आओ ख़ुशी के बीज बोयें।
गमो की झाडियों को कांटें।
सुख के पल आपस में बाँटे।
© धीरेन्द्र सिंह बिष्ट

No comments:

Post a Comment