बेटी एक वरदान है।
समाज का कल्याण है।
बेटी एक आस है,
देवी का वास है।
बेटी ही वृद्धि है,
धन और समृद्धि है।
भ्रूण हत्या पाप है,
समाज का अभिसाप है।
आओ मिलकर हाथ बढ़ाये,
बेटी बचाओ,
अभियान चलाये।
समाज में बेटी को सम्मान दिलाये।
बेटी एक वरदान है।
उन पापियों का नाश करें,
समाज से पर्दाफ़ाश करें।
बेटी एक वरदान है,
समाज का कल्याण है।
बेटी एक गौरव है।
समाज का सौरभ है।
बेटी हो तो सब सुख चैना,
बिन बेटी के जग है सुना।
बेटी एक वरदान है।
समाज का कल्याण है।
© धीरेन्द्र सिंह बिष्ट
समाज का कल्याण है।
बेटी एक आस है,
देवी का वास है।
बेटी ही वृद्धि है,
धन और समृद्धि है।
भ्रूण हत्या पाप है,
समाज का अभिसाप है।
आओ मिलकर हाथ बढ़ाये,
बेटी बचाओ,
अभियान चलाये।
समाज में बेटी को सम्मान दिलाये।
बेटी एक वरदान है।
उन पापियों का नाश करें,
समाज से पर्दाफ़ाश करें।
बेटी एक वरदान है,
समाज का कल्याण है।
बेटी एक गौरव है।
समाज का सौरभ है।
बेटी हो तो सब सुख चैना,
बिन बेटी के जग है सुना।
बेटी एक वरदान है।
समाज का कल्याण है।
© धीरेन्द्र सिंह बिष्ट
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